कानपुर-इटावा हाईवे पर शनिवार भोर में हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के शव डीसीएम में अमानवीय तरीके से भेजने और उनके साथ घायलों को भी सवार करने का मामला गर्मा गया है। इस तरह की एक तस्वीर वायरल होने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने इस काम में लगाए गए पांच लेखपालों को निलंबित कर दिया है।
डीएम अभिषेक सिंह ने सभी शव एंबुलेंस से भेजने का दावा करते हुए वायरल फोटो की सत्यता की जांच कराने की बात कही है। हादसा प्रवासी गाजियाबाद से सागर (मध्यप्रदेश) मजदूरों को ले जा रही डीसीएम में ट्राले के टकराने से हुआ था। ट्राले पर भी प्रवासी मजदूर सवार थे। ट्राला पलट जाने से उसमें सवार 25 मजदूरों की मौत मौके पर ही मौत हो गई थी।
एक मजदूर ने सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। जान गंवाने वालों में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के मजदूर शामिल थे। औरैया में 25 मजदूरों के पोस्टमार्टम के बाद शव संबंधित राज्य और शहर भिजवाए गए थे।
इनमें से झारखंड के श्रमिकों को सामान ढोने वाली डीसीएम में लापरवाह तरीके से भेजने और साथ में उस क्षेत्र के घायलों को भी बैठाने की बात सुर्खियों में आ गई। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस संदर्भ में ट्वीट भी किया।