कानपुर। बिठूर–चौबेपुर मार्ग स्थित किशुनपुर गांव में निजी कंपनी के फिटनेस सेंटर पर व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगने पर व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वाहन स्वामियों ने आरोप लगाया है कि फिटनेस प्रमाणपत्र दिलाने के लिए दलालों के माध्यम से आठ से दस हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वीडियो का सज्ञान परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने लेकर मंडलायुक्त को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। वहीं जांच के लिए टीम गठित की गई है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है।
करीब दो माह पहले शुरू हुए इस निजी फिटनेस सेंटर पर पूरी तरह से ऑटोमेटिक मशीनों से वाहनों की फिटनेस चेक की जा रही है। शुरूआत में एक दिन में सिर्फ पांच से छह वाहन ही जांचे जा रहे थे। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वाहन स्वामी आरोप लगा रहे कि सेंटर पर दलालों का दबदबा है। उनके बिना जाने पर वाहन को जानबूझकर फेल कर दिया जाता है जबकि उनको सुविधा शुल्क देने पर फिटनेस पास करा दिया जाता है। इस वीडियो का परिवहन आयुक्त ने सज्ञान लिया है। मामले की जांच कराने के लिए मंडलायुक्त को निर्देश दिए। इस पर एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, कानपुर देहात के एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी और कन्नौज के एमवीआई उमेशचंद्र की टीम गठित की है। समिति को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र को जारी रखने या बंद करने पर फैसला होगा।
वर्जन-
वीडियो का सज्ञान लेते हुए जांच करने के निर्देश मिले हैं। सेंटर पर जाकर मामले की जांच करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। - डॉ. राजेश कुमार, एडीएम सिटी