फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुखरायां ट्रेन हादसे में पहली एफआईआर दर्ज

Mon, 21 Nov 2016 11:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पुखरायां ट्रेन हादसे के बाद रात को ट्रेक से क्षतिग्रस्त डिब्बे हटाते मजदूर
विज्ञापन
पुखरायां रेल हादसे में अज्ञात रेलवे कर्मी के खिलाफ आपराधिक एवं रेलवे एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। जीआरपी भीमसेन प्रभारी अर्जुन सिंह की तहरीर पर थाने में तेजी व लापरवाही से ट्रेन चलाना, जानमाल और संपत्ति का नुकसान और रेलवे एक्ट ( आईपीएस की धारा 304 ए :लापरवाही से मौत, 337, 338, 427 और रेलवे एक्ट की धारा 151 और 154) के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। इंस्पेक्टर का कहना है कि विवेचना के दौरान चालक और जिस किसी की भी लापरवाही उजागर होगी, उस पर कानूनन कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुखरायां ट्रेन हादसे में लापरवाही को लेकर बहस और तेज हो गई। ज्ञात हो हादसे में 142 से ज्यादा मौत हुई है और तमाम लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा तब हुआ जब ट्रेन पुखराया स्टेशन से कानपुर के लिए निकली ही थी। हादसा रविवार तड़के 3 बजकर 10 मिनट पर हुआ था।

वहीं सोमवार को यह खबर भी सामने आई कि ड्राइवर ने हादसे से पहले ट्रेन में फॉल्ट की शिकायत की थी। पीड़ित यात्रियों और रेलवे सूत्रों से जो बात सामने आई है, उसमें ड्राइवर ने बोगी में खड़खड़ की आवाज होने की शिकायत झांसी में अफसरों से की थी, लेकिन अफसरों ने किसी तरह कानपुर तक ट्रेन को ले जाने को कहा था।
विज्ञापन

  इस संबंध में एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रेन ड्राइवर को यह अधिकार है कि अगर उसे ट्रेन में कोई भी दिक्कत महसूस हो रही हो तो वह ट्रेन को तत्काल कहीं भी खड़ा कर सकता है। इसकी सूचना पास के स्टेशन मास्टर को देनी होती है ताकि दूसरी ट्रेनों के संचालन में परेशानी न हो और हादसे से बचा जा सके। अब अगर इस ट्रेन में या बोगी में कोई फॉल्ट थी और ड्राइवर को पता चल रहा था तो फिर उसे ट्रेन की स्पीड कम रखनी चाहिए थी, न कि 110 किमी पर ट्रेन दौड़ाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें