जमानत के बाद से आरोपी फरार था। न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर सोमवार की शाम करीब पांच बजे छिबरामऊ कोतवाल जितेंद्र सिंह व विशुनगढ़ थानाध्यक्ष पारुल चौधरी पुलिस टीम के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंचे थे। घर पहुंचने पर आरोपी ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
रुक-रुककर कई राउंड सीधे फायर झोंके
फायरिंग शुरू होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। गुरसहायगंज, सौरिख, तालग्राम, सकरावा थानों को पुलिस व दो पलाटून पीएसी को मौके पर बुला लिया गया। पुलिस को दहशत में रखने के लिए वारंटी ने रुक-रुककर कई राउंड सीधे फायर झोंके। फायरिंग में विशुनगढ़ थाने में तैनात सिपाही सचिन राठी को जांघ में गोली लग गई।
नाजुक हालत में कानपुर के लिए रेफर
गोली जांच को चीरते हुए पार कर गई। सिपाही को पहले छिबरामऊ के सौ शैय्या अस्पताल ले जाया गया। वहां से नाजुक हालत में कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया। अंधेरा होने पर आरोपी अपनी पत्नी श्यामा देवी व बेटे अभय यादव उर्फ टिंकू के साथ फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास करने लगा।
पुलिस टीम ने मुठभेड़ में तीनों को दबोच लिया
घर से 20 मीटर दूरी पर पुलिस टीम ने मुठभेड़ में तीनों को दबोच लिया। जवाबी फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर अशोक उर्फ मुनुआ व उसके बेटे टिंकू के पैर में गोली लग गई। घायलावस्था में दोनों को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया गया।
आस-पास के थानों से भी बुलाया गया फोर्स
सिपाही सचिन राठी के घायल होने के बाद पुलिस टीम पर फायरिंग से यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि आखिर घर से कितने लोग फायरिंग कर रहे हैं। ऐसे में विशुनगढ़ पुलिस की मदद के लिए छिबरामऊ, गुरसहायगंज, सौरिख, तालग्राम, सकरावा से भी पुलिस को बुला लिया गया। इसके अलावा जेसीबी को बुलाकर भी गांव के बाहर खड़ा करा लिया गया।