कानपुर देहात। जीपीएल फैक्टरी में आग बुझाने के दौरान धमाके के साथ सिलिंडर फटने लगे तो ऑफिस से सटे गोदाम में भरे रखे एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडरों का ध्यान फैक्टरी कर्मियों को आया। जानकारी पाकर अग्निशमन अधिकारी व फायरमैनों ने जोखिम की परवाह न करते हुए आग के बीच परिसर से छह भरे एलपीजी व तीन ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर निकाले।
फैक्टरी में उपकरणों की टूट फूट सही करने के लिए एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडरों का स्टाक रखा रहता है। ऑफिस से सटे गोदाम में छह भरे एलपीजी व तीन ऑक्सीजन सिलिंडर रखे थे। वहीं कुछ एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडर यूनिट में रखे थे। आग बढ़ने के कुछ देर बाद यूनिट में लगातार धमाकों के साथ एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडर फटने लगे।
धमाका इतना तेज था कि फैक्टरी में लगा शेड व दीवार ढह गई। गनीमत रही कि आग बुझा रहे दमकल कर्मी सिलिंडर या फिर ढहे मलबे की चपेट में नहीं आए। परिसर में और सिलिंडर रखे होने की जानकारी पाकर अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार, फायरमैन अनुभव सचान, लीडिंग फायरमैन मातादीन व प्रिंसू पटेल ने जान जोखिम में डालकर एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर निकाले।
इसी परिसर के पास से दमकल जवान आग पर पानी की बौछार कर रहे थे। सिलिंडर हटाने से बड़ा हादसा बच गया। फैक्टरी कर्मियों ने भी कुछ सिलिंडर परिसर से बाहर किए। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग से तीन एलपीजी सिलिंडर व दो ऑक्सीजन सिलिंडर फटे। कुल कितने सिलिंडर फटे यह पड़ताल के बाद पता चल सकेगा।
फैक्टरी में कब क्या हुआ
फैक्टरी में आग लगी - 3:15 बजे
दमकल को दी सूचना - 3: 44 बजे
माती से दो फायर टैंकर पहुंचे - 4:15 बजे
तीसरा फायर टैंकर पहुंचा - 4:50 बजे
चौथा फायर टैंकर पहुंचा - 5:15 बजे
पांचवां फायर टैंकर पहुंचा - 5:30 बजे
दो फायर टैंकर कानपुर से पहुंचे - 5:45 बजे
आग काबू की जा सकी - 11:15 बजे