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- यूपीसीएल को दिया टेंडर, 124 लाख का बजट कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित
-वाटर टैंक, हाईडेंट प्वाइंट, ऑटोमेटिक मशीन आदि का जल्द होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। झांसी में एसएनसीयू में नवजात बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए संयुक्त जिला अस्पताल में फायर सिस्टम लगाने की युद्धस्तर पर पहल शुरू कर दी है।
इसके लिए करीब 300 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें 124 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित भी कर दिए गए हैं। इसमें वाटर टैंक, हाईडेंट प्वाइंट, ऑटोमेटिक मशीन आदि मशीन लगवाई जाएगी।
संयुक्त जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एमएम आर्या ने बताया कि अस्पताल में फायर सिस्टम के लिए शासन से यूपीसीएल को कार्य दिया है। इस कार्य के लिए करीब 300 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। सीएमएस ने बताया कि झांसी की घटना से एक सप्ताह पहले उन्होंने कार्यदायी संस्था को 124 लाख का बजट कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित कर दिया है। जिला अस्पताल के मैनेजर डॉ. निखलेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था को अग्निशमन विभाग से डीपीआर लेने को कहा है। उसी हिसाब से निर्माण करवाया जाएगा। इससे विभाग से एनओसी मिलने में कोई दिक्कत न आए। अग्निशमन विभाग की स्वीकृत मिलते ही युद्धस्तर पर काम शुरू करवाया जाएगा।
प्रस्तावित निर्माण
फायर हाईडेंट प्वाइंट, वाटर टैंक, ऑटोमेटिक मशीन, स्मोक डिटेक्टर, फ्लेम, अलार्म सिस्टम, एसएनसीयू वार्ड समेत जिला अस्पताल में जगह-जगह लगेंगे अग्निशामक यंत्र
कोट
महिला जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में झांसी की घटना के बाद अग्निशामक यंत्रों की पड़ताल की गई। इसमें अग्निशामक यंत्रों को अगस्त माह में गैस दोबारा भरवाई गई थी। उन्होंने बताया एसएनसीयू वार्ड के अलावा जिला अस्पताल में संवेदनशील वार्ड व जरूरत वाले स्थानों पर 15 नए अग्निशामक यंत्रों को लगाया गया है। आने वाले समय में इन अग्निशामक यंत्रों को और लगवाया जाएगा।-डॉ. एमएम आर्या, सीएमएस