गंगागंज, पनकी में शुक्रवार को प्रवर्तन दस्ते के सामने अर्चना ने बच्चे को गोद में लेकर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। यह देखकर पुलिस और प्रवर्तन दस्ते के होश फाख्ता हो गए।
आनन-फानन पुलिस ने कंबल डालकर आग बुझाई, पर तब तक अर्चना, बच्चे के साथ ही सहेली के हाथ झुलस गए। उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।
गंगागंज में डूडा ने 2011 में साहब लाल को निर्धन आवास योजना के तहत मकान बनवाकर दिया। इसी बीच केडीए ने आसपास प्लाटिंग कर जमीन बेच दी। बगल के जिस प्लाट को बेचा, उसकी परिधि में इस मकान का भी पांच वर्गमीटर हिस्सा आ रहा है। पूरे प्लाट पर कब्जा न मिलने पर प्लाट आवंटी ने कोर्ट में कब्जा दिलाने की गुहार लगाई।
कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में केडीए को 15 दिन में आवंटी को कब्जा दिलाने का आदेश दिया, पर तीन महीने पहले साहब लाल की मृत्यु होने की वजह से कार्रवाई रोक दी गई थी। शुक्रवार दोपहर में केडीए प्रवर्तन दस्ता जेसीबी और पनकी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचा।
अफसरों ने उसके मकान की पांच फीट छत काटने के लिए कहा तो साहब लाल की पत्नी अर्चना बोली कि छत कटने पर बाकी हिस्सा भी गिर जाएगा। उसने समय देने की गुहार लगाई, पर अफसर नहीं माने।
इस पर अर्चना ने वहां मौजूद सहेली ऊषा के सामने कमरे में जाकर अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़का और बेटे कुशल (6) को गोद में लेकर आग लगा ली।
पनकी मंदिर पुलिस चौकी इंचार्ज उमेश सिंह और सिपाही शिववरन सिंह दौड़कर कमरे में पहुंचे और वहां रखे कंबल से आग बुझाई। तब तक अर्चना का पेट, हाथ, चेहरा झुलस गया था। बच्चा भी मामूली रूप से झुलसा। ऊषा के हाथ भी झुलस गए थे।