रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां के विसायकपुर स्थित स्वास्तिक केमिकल फैक्टरी में गुरुवार दोपहर टायर ऑयल खाली करते समय टैंकर में आग लग गई। हादसे में टैंकर चालक व दो मजदूर झुलस गए। धू-धू कर जल रहे टैंकर से परिसर में रखे पुराने टायर भी जल गए। करीब साढ़े तीन घंटे में नौ दमकल गाड़ियों ने आग काबू पाया। फैक्टरी मालिक के मुताबिक आग से 12 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही है।
बिसायकपुर-पचगवां मार्ग पर पुराने टायरों से ऑयल बनाने वाली यह फैक्टरी है। गुरुवार दोपहर फैक्टरी में टैंकर से टायर ऑयल टैंक में शिफ्ट किया जा रहा था। तभी मोटर पंप में स्पार्किंग होने से टैंकर में आग लग गई। फैक्टरी कर्मियों ने अग्निशमन यंत्र चलाकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग विकराल हो गई। लपटों की चपेट में आकर खलीलाबाद के टैंकर चालक नावेद खान (34) और फैक्टरी के मजदूर हुसैनगंज के राजेश (50) व शाहजहांपुर के राजकुमार (40) झुलस गए। फैक्टरी मजदूरों को जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर कर दिया गया। टैंकर चालक विसायकपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। आग की लपटें देखकर फैक्टरियों में काम कर रहे मजदूरों में अफरा तफरी मच गई। किसी ने दमकल को सूचना दी। माती से एक फायर टैंकर लेकर दमकल कर्मी पहुंच गए।
मौके पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह, सीओ संदीप सिंह व कोतवाल तुलसीराम पांडेय व रनियां चौकी इंचार्ज अनुराग पांडेय पहुंचे। चार और फायर टैंकर मंगवाए गए। कानपुर से दो फायर टैंकर मंगवाकर मशक्कत के बाद आग काबू की जा सकी।
फैक्टरी मालिक मनोज गुप्ता ने बताया कि शार्ट सर्किट से टैंकर में भरे टायर ऑयल में आग लगी। फैक्टरी में पुराने टायर गलाने का काम फिलहाल बंद था। टैंकरों से यहां टैंक में ऑयल शिफ्ट करने का काम हो रहा था। आग से लगभग 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें दो लाख के पुराने टायर, साढ़े तीन लाख का तेल और बाकी टैंकर का नुकसान हुआ है। झुलसे मजदूरों की हालत में सुधार है।
मोटर पंप में स्पार्किंग से टायर ऑयल भरे टैंकर में आग लगी। फैक्टरी के भवन में कोई नुकसान नहीं हुआ। आग से टैंकर व परिसर में रखे पुराने टायरों का स्टाक पूरी तरह से जल गया। नुकसान का सही आकलन फैक्टरी प्रबंधक ही बता सकेंगे। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
फैक्टरी की दीवार फांद कर भागे मजदूर
रनियां। ऑयल टैंकर व डंप पुराने टायरों की विकराल आग देखकर जान बचाने खए लिए फैक्टरी के मजदूर दीवार फांदकर भागे। जिस स्थान पर टायर ऑयल भरे टैंकर में आग लगी उसके पास ही फैक्टरी का गेट था। आग की तेज लपटों की वजह से फैक्टरी कर्मी डर गए। दहशतजदा गेट कीपर तत्काल गेट नहीं खोल सका। फैक्टरी में मौजूद आठ फैक्टरी कर्मी दीवार से कूद कर भागे। (संवाद)
फैक्टरी कर्मियों ने नहीं दी सूचना
रनियां। पुराने टायर गलाकर टायर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी में काम के दौरान कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं था। फैक्टरी में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। दोपहर 1.55 बजे आग लगी। आग लपटें देख पड़ोसी फैक्टरी संचालकों ने दमकल को सूचना दी। यदि फैक्टरी कर्मी दमकल को सूचना देते तो आग जल्दी काबू हो सकती थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि टायर ऑयल में केमिकल होने की वजह से फोम चलाकर आग काबू की जा सकी। (संवाद)
साबुन फैक्टरी ने दिया फायर टैंकरों को पानी
रनियां। आग विकराल होने से फायर टैंकरों का पानी कुछ देर में ही खाली हो गया। बगल में स्थित साबुन फैक्टरी प्रबंधन ने फायर टैंकरों को पानी उपलब्ध कराया। करीब दस चक्कर फायर टैंकरों को यहां से पानी दिया गया। (संवाद)
टायर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी से निकलती आग की लपटें।- फोटो : AKBARPUR
फैक्टरी के अंदर आग से जला टायर आयल लदा टैंकर।- फोटो : AKBARPUR