गनीमत यह रही कि दुकानों में आग फैलने से धुआं घुटने के कारण मदरसे में मौजूद शिक्षक मोहम्मद अतीक की नींद खुल गई। बाहर निकल कर देखा तो मदरसे की खिड़कियों तक आग पहुंच चुकी थी। घबराकर उन्होंने दूसरे शिक्षक अतीक और मौलाना शोएब को जगाया। साथ ही कमरों में मौजूद 80 विद्यार्थियों को जगाकर बाहर निकाला।
दमकल टीम करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। दमकल टीम के कामयाब होने से पहले बाजार की सात दुकानें राख हो चुकी थीं। दुकानदारों ने 50 लाख से ज्यादा की क्षति बताई है। एसडीएम के निर्देश पर तहसील की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। पुलिस का कहना है कि यमुना रोड के एक गेस्ट हाउस में शादी के दौरान हुई आतिशबाजी अग्निकांड की वजह बनी।