अप्रैल में दोनों घरों में थीं शादियां
दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। राम दयाल ने बताया कि दो अप्रैल को पुत्री निर्मला की शादी होनी थी। इसके लिए बेड, सोफा, कुर्सी, 12 तरीख को चढ़ने वाले तिलक के लिए खरीदा गया सभी सामान जलकर राख हो गया।
गृहस्थी और शादी का सामान जलकर राख
वहीं श्रीकृष्ण के मकान में रखा छप्पर, कपड़े, चारपाई, गेहूं, सात बोरी सरसों, तीन पैकेट मूंगफली और साइकिल समेत 22 अपैल को पुत्री रोशनी की होने वाली शादी के लिए जुटाया गया सभी सामान जलकर राख हो गया। हादसे की सूचना पर पहुंचे अधिकारी जांच में जुटे हैं।