छप्पर के नीचे खाट पर एक माह का मासूम सो रहा था। उस वक्त घटना से अनजान उसके परिजन दूर थे। छप्पर की आग तेज हो गई और छप्पर का जलता हुआ एक हिस्सा नीचे सो रहे बच्चे के ऊपर गिर गया। उससे बच्चा आग की चपेट में आ गया।
पिता बोला- नहीं समझ पाए कि कब छप्पर में आग लगी
दुखी पिता गुलाब सिंह ने बताया कि उसक बेटा एक माह का था। वह नहीं समझ पाए कि कब छप्पर में आग लगी और उसका बच्चा उसकी चपेट में आ गया। जब देखा, तो वह काफी झुलस चुका था। उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका उपचार शुरू हुआ, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
लेखपाल बोले- रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी
उसके बाद उसका शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। बच्चे की मौत से उसकी मां काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। पिरौना क्षेत्र के लेखपाल चंदन शिवहरे मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने पड़ताल की है और कहा कि रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।