चकरनगर। बरेछा निवासी पशुपालक चरन सिंह चौहान ने बताया सोमवार रात वह झोपड़ी में सो रहे थे। आशंका है कि शॉर्ट सर्किट से झोपड़ी में अचानक आग लग गई। धुआं उठने पर उनकी आंख खुल गई और वह बाहर आ गए। शोर मचाने पर जब-तक आस-पास के लोग मौके पर पहुंचते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, तब तक सात बकरियों की झुलसकर मौत हो गई। इनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। बकरियों की कीमत करीब आठ लाख रुपये थी। झोपड़ी में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्रदर्शनी में कई बार पशुपालक को जमुना पारी बकरी पालने पर सम्मानित भी किया गया है। मंगलवार को एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने घटना का निरीक्षण किया। डॉ. अशोक कुमार को निर्देशित करते हुए पीएम रिपोर्ट जल्द भेजने की बात कही। वहीं लेखपाल ने क्षतिपूर्ति का आंकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि रिपोर्ट आने पर पशुपालक को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।