पत्रकारिता की आड़ में दबाव और दलाली का खेल
शहर में पत्रकारिता की आड़ में कई फर्जी पत्रकार दबाव और दलाली का खेल कर रहे हैं। खासतौर पर वीडियो, फोटो और खबर के नाम पर ब्लैकमेल कर वसूली करते हैं। विरोध करने वाले को फंसाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। उनके संपर्क में कुछ पुलिसकर्मी भी हैं। इसके अलावा स्पा के नाम पर सेक्स रैकेट भी चलवा रहे हैं। पुलिस की जांच में ऐसे कई कथित पत्रकारों के नाम भी उजागर हो चुके हैं।
तमाम तो ऐसे हैं, जो बड़े अखबारों और चैनलों के फर्जी पहचान पत्र लेकर घूमते हैं। फर्जी पत्रकारों की अलग-अलग विभागों के छुटभैये कर्मचारियों से सांठगांठ रहती है। जिनके बल पर वो नियमों को ताक पर रख काम कराते हैं। यही नहीं, किसी बिल्डर, व्यापारी या अन्य किसी को ब्लैकमेल कर दबाव बनाने में भी ये कर्मचारी उनका साथ देते हैं। आखिर में वसूली की रकम में बंटवारा कर लेते हैं। शहर में सबसे अधिक फर्जी पत्रकार कल्याणपुर, कानपुर दक्षिण, घंटाघर और चकेरी क्षेत्र में हैं, जो सोशल मीडिया पर खबर चलाने के नाम पर लोगों से वसूली करते हैं।
शहर में फर्जी पत्रकार बड़ी संख्या में हैं। इसकी जानकारी मिली है। कुछ शिकायतें भी मिली हैं। जानकारी जुटाई जा रही है। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी