कानपुर देहात। जिले में संचालित हो रही 102, 108 एंबुलेंस सेवा से लगाए गए फेरों में बड़ी गड़बड़ी निकल कर सामने आई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ ने सेवा दे रही संस्था, प्रोग्राम प्रबंधक, ईएमई समेत कई कर्मचारियों पर अकबरपुर थाने में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस कार्रवाई के बाद महकमे में अफरा-तफरी मची है। वहीं कई पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
सरकारी अस्पतालों में मरीज लाने व ले जाने के लिए सरकार की ओर से 102, 108 व एएलएस की 57 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। एंबुलेंस के फेरे लगाने का हर माह स्वास्थ्य विभाग सत्यापन कराता है। जिले में सितंंबर से अक्तूबर 2025 के बीच कराए गए सत्यापन में डिप्टी सीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सचान को सरवनखेड़ा में गड़बड़ी मिली थी। यहां 42 केस के लिए एक ही नंबर का प्रयोग कर एंबुलेंस बुलाना पाया गया था। इसके बाद ही गड़बड़ी की आशंका पर सत्यापन में तेजी आई।
इधर अकबरपुर निवासी ओमप्रकाश पाठक ने जिलाधिकारी से जनवरी 2026 को शिकायत कर फर्जी फेरे लगाने का आरोप लगाया था। मामला सरकारी सेवा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा होने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सभी तहसीलों के एसडीएम के साथ स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारियों की टीम गठित अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए गए फेरों की जांच कराई। इसमें पुखरायां, देवीपुर, डेरापुर, रूरा, अमरौधा, राजपुर समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर फेरे लगाने में गड़बड़ी पाई गई।
अधिकारियों के सत्यापन में पीसीआर में दर्ज रिकार्ड से कई का सत्यापन नहीं हो सका। दिए गए नंबर बंद मिले, तो कई नंबर पर घंटी जाने के बाद भी फोन नहीं उठाया गया। जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी। इस पर 18 अप्रैल को जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मामले सीएमओ डॉ. एके सिंह को अनियमितताओं के लिए दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित संस्था, सिथिल पर्यवेक्षण करने से संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
गुरुवार को अकबरपुर थाने में डिप्टी सीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सचान ने एंबुलेंस सेवा का प्रोग्राम प्रबंधक प्रदीप पाठक, ईएमई (इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जकेटिव) अभिषेक तिवारी, 102, 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली संस्था व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष अकबरपुर हरमीत सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभागीय रिपोर्ट व पुलिस की जांच के अनुसार मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियाें की जांच में इस तरह मिली थी गड़बड़ी
जिलाधिकारी कपिल सिंह को एसडीएम व चिकित्साधिकारियों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक देवीपुर स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस संख्या यूपी-32एफजी-1991 व यूपी-32-एफजी-2011 से अक्तूबर व नवंबर 2025 में आठ मोबाइल नंबरों से 1181 बार सेवा प्राप्त की गई। एक नंबर से अलग-अलग गांव के लाभार्थियों द्वारा इतनी ज्यादा बार सेवा संशय की श्रेणी में माना गया है। वहीं, पुखरायां सीएचसी में एंबुलेंस नंबर यूपी-32 एफजी-0263 से सितंबर 2025 में छह नंबरों का उपयोग करके 85 बार काल करके एंबुलेंस को बुलाने की बात सामने आई है। वहीं सलेमपुर सीएचसी की 109 काल का सत्यापन नहीं हो सका है। इसी तरह झींझक सीएचसी क्षेत्र में 450 कालों के सापेक्ष 12 काल ऐसी पाई गई, जिनका सत्यापन नहीं हो सका। वहीं, डेरापुर सीएचसी में 12, शिवली सीएचसी में 22, रूरा सीएचसी में 34 फेरों का सत्यापन नहीं हो सका। रूरा के सत्यापन में 16 नंबर बंद पाए गए जबकि 27 लोगों ने फोन नहीं उठाया। अमरौधा में 52 लाभार्थियों का फोन बंद पाया गया। इसी तरह अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में गड़बड़ी मिली। इसका दर्ज कराई गई प्राथमिकी भी उल्लेख किया गया है।
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कई पर लटकी कार्रवाई की तलवार
स्वास्थ्य केंद्रों से संचालित हो रही एंबुलेंस की गड़बड़ी स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर पर पकड़ में नहीं आई। जिलाधिकारी ने जांच कराई तो कई केंद्रों से संचालित हो रही एंबुलेंस सेवा की पोल खुल गई। अब सवाल है कि जिम्मेदार क्या करते रहे। इधर एंबुलेंस के फेरे में पाई गई अनियमितता के बाद स्वास्थ्य महकमें में खलबली मची हुई है। जिलाधिकारी ने 18 अप्रैल को सीएमओ को रिपोर्ट भेजने के बाद मामले में संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि विभाग ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। वहीं, अब कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। वहीं सीएमओ ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन भी भेजी है।
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गड़बड़ी के बाद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को हिदायत
एंबुलेंस सेवा में गड़बड़ी मिलने और जिलाधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद सीएमओ डाॅ. एके सिंह ने भी 24 अप्रैल को सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को पत्र लिख हिदायत दे डाली। जारी किए गए पत्र में कहा कि जिले में 102, 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एवं व्यक्तिगत नंबरों पर दिनांक 10 नवंबर 2025 व दिनांक 15 अप्रैल 2026 को दिशा निर्देश की प्रति भेजी जा चुकी है लेकिन ऐसा संज्ञान में आया है कि आपके द्वारा एंबुलेंस सेवा का संचालन, पर्वेक्षण करते समय शासनादेश में उल्लेखित दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्देश दिए कि दिशा निर्देशों का पालन करें। शिथिलता पाए जाने पर आप स्वयं उत्तर दायी होंगे।
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बयान...
एंबुलेंस सेवा में जिलाधिकारी स्तर से कराई जांच में पाई गई अनियमितता पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। मामले में पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। - डाॅ. एके सिंह, सीएमओ