हरदोई। मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक निराश्रित मवेशियों के चारा-दाना खरीद में 3.00 लाख रुपये के तय कमीशन में 1.50 लाख रुपये लिए जाने की पुष्टि हुई। जिलाधिकारी अनुनय झा ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने नगर पालिका बिलग्राम के अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र शासन को भेजा है। वहीं शासन की अनुमति के बाद ईओ के विरुद्ध कोतवाली बिलग्राम में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
नगरीय निकायों में संचालित कान्हा गोशाला में मवेशियों के भरण-पोषण के लिए नगर विकास के माध्यम से निकाय को सीधे रुपये मिलते हैं। संरक्षित निराश्रित मवेशियों को चारा-दाना और भूसा आदि की आपूर्ति के लिए फर्म चयन का प्रावधान है। नगर पालिका परिषद बिलग्राम के माध्यम से संचालित कान्हा गोशाला में भूसा, चारा-दाना आपूर्ति के लिए ठेकेदार से कमीशन लेते समय ईओ नीलाव शाल्या का किसी ने वीडियो बना लिया। रिश्वत लिए जाने की अलीगढ़ निवासी अजय कुमार शर्मा ने शिकायत भी दर्ज कराई। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पूनम भास्कर से जांच कराई।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि वायरल वीडियो में एक व्यक्ति 14 फरवरी 2026 को बिलग्राम ईओ से मिलने की बात कहता है। इसके बाद वहां खड़े एक वाहन के पास रुक जाता है। वहां पर दूसरा व्यक्ति बिलग्राम ईओ नीलाव शाल्या दिखाई देते हैं। इसमें बाबू और चेयरमैन से काम कराने की बात होती है। इसके बाद एक बाइक की डिग्गी में डेढ़ लाख रुपये रखते हुए दिखाई दे रहें। जबकि कुल 3.00 लाख देने की बात कही जा रही है। वीडियो में रुपये लेनदेन की पुष्टि पर डीएम ने बिलग्राम ईओ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति का पत्र नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया है। वहीं बृहस्पतिवार को लोकल बाडी क्लर्क (एलबीसी) अंकुर कुमार ने कोतवाली बिलग्राम में ईओ बिलग्राम नीलाव शाल्या के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने प्राथमिक दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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मैनपुरी में भी रिश्वत लेने के आरोप में हो नीलाव शाल्या हो चुके हैं निलंबित
बिलग्राम में संरक्षित मवेशियों के भरण-पोषण के लिए चारा-दाना-भूसा की आपूर्ति में ठेकेदार से कमीशन लिए जाने का पहला मामला नहीं है। बिलग्राम ईओ नीलाव शाल्या इससे पहले मैनपुरी जनपद की नगर पंचायत घिरोर में ईओ पद पर रहते हुए जून 2022 में रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित हो चुके हैं। इससे पहले साल 2018 में मेरठ जनपद की नगर पालिका सरधना में रिश्वत लिए जाने पर वहां के लोगों ने थाना सरधना में भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
(अधूरी)