साजिद ने फारिया के सामने तीन तलाक दिया ही नहीं। फारिया ने कोर्ट में दिए बयान में खुद स्वीकार किया कि लोगों के बहकावे में आकर उसने मुकदमा लिखा दिया था। पति व ससुर ने न तो कभी दहेज मांगा, न ही गाली-गलौज या मारपीट की और न ही उसे तीन तलाक दिया गया।
फारिया के पिता अंजुम ने भी कोर्ट में दिए बयान में फारिया की ही बातों को दोहराया। तीन तलाक न दिए जाने की बात कही। साजिद ने भी वर्ष 2020 में ग्वालटोली थाने में फारिया, उसके पिता अंजुम नैयर व सौतेली सास उज्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है।
साजिद का आरोप है कि डॉक्टरी रिपोर्ट के अनुसार फारिया मां नहीं बन सकती। वर्ष 2019 में तीनों ने मिलकर नगर निगम से एक बच्चे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया। बच्चे को साजिद का बताकर जबरन संपत्ति हड़पने का षड्यंत्र रचा और झूठे मुकदमे में फंसा दिया। साजिद का कहना है कि रुपये ऐंठने के लिए झूठे मुकदमे में फंसाया गया था। मानहानि का वाद दायर किया जाएगा।