फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भड़काऊ भाषण देकर बुरे फंसे उलेमा काउसिंल के अध्यक्ष, दर्ज होगी एफआईआर

Fri, 10 Mar 2017 07:17 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर आर मदनी
विज्ञापन
उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी मदनी बुरे फंस गए हैं। यूपी एडीजी ला एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने एसएसपी कानपुर को उनके
विज्ञापन

खिलाफ भड़काऊ भाषण देने व माहौल बिगाड़ने के संबंध में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
  UP ADGLaw&Order directs SSP Kanpur to register case against RUC pres Aamir R Madni for allegedly inciting kin of terrorist killed in Lucknow pic.twitter.com/hdqHAEua92 — ANI UP (@ANINewsUP) March 10, 2017


बता दें उलेमा काउंसिल अध्यक्ष ने मारे गए संदिग्ध आतंकी फैजुल्ला के घर पहुंचकर लोगों के बीच उकसाऊ व भड़काऊ भाषण दिया। न सिर्फ इतना बल्कि उन्होंने लखनऊ में हुई आतंकी मुठभेड़ को भी फर्जी एनकाउंटर करार दिया।
विज्ञापन


मदनी ने कहा मुल्क में हिन्दू और मुसलमानों के बीच नफरत पैदा करने की साजिश चल रही है। लखनऊ में फैजुल्ला अपने आईकार्ड के साथ सजधज के नहीं मरेगा। वो हाथों में रिवाल्वर लिए मरा। क्या ये कोई फिल्म नहीं है जो यूपीएटीएस वाले दिखा रहे हैं।

रशादी ने कहा कि मैं उनके घरवालों को तैयार कर रहा हूं। 
डीजीपी पूरे एपिसोड से बाहर क्यों हैं केवल एडीजे लॉ एंड ऑर्डर और सरकार ने मिलकर ये फर्जी एनकाउंटर कराया है। अखिलेश पर आरोप लगाया हमारे लड़के को बली का बकरा बनाया। हम लड़ेंगे। सबको लड़ायेंगे। हम उसके घर जाकर पैसे देंगे। भूखे नहीं मरने देंगे। हम सुप्रीमकोर्ट जाएंगे सभी पुलिसवालों के नार्को टेस्ट की मांग भी करेंगे।

रशादी ने ये भी कहा कि फैजुल्ला के पिता से फोन करके पुलिसवाले ये कहते हैं कि लड़के से कहो सरेन्डर करे लेकिन लड़के से बात ही नहीं कराई गई। किससे सरेन्डर करवा रहे हो। कभी एटीएस वाले कहते हैं कि तीन पासपोर्ट मिले तो दो पासपोर्ट होने की बात करते हैं। पहले बोला सैफुल्ला आईएस वाला है ‍फिर बोलते हैं आईएस वाला नहीं है इसका क्या मतलब है। एटीएस के लोग पहले भी ऐसे काम कर चुके हैं।   खालिद मुजाहिद को घर से उठाकर पकड़ा फिर आरडीएक्स के साथ दिखा दिया। पुलिसवाले अब मुसलमानों को प्रताड़ित नहीं कर सकेंगे। सैफुल्ला अगर अंदर था तो सैफुल्ला के भाई और पिता का नंबर पुलिस को कैसे मिला। अधिकारी फोन करके कह रहा है कि लड़के से कहो सरेन्डर कर दे। पूरा एनकाउंटर फर्जी है। पूरे एपिसोड से डीजीपी का आउट ऑफ रेन्ज होना और एडीजे लॉ एन्ड ऑर्डर का बार-बार बयान बदलना साजिश बता रहा है। जो आतंकवादी घर के अंदर बंद है उसके पास से बाप का नंबर कैसे मिला यही सबसे बड़ा सवाल है।
विज्ञापन


मकान के अंदर जितने हथियार मिले वो सब पुलिस के थे। फायरिंग फैजुल्ला नहीं कर रहा था खुद पुलिसवाले अंदर से कर रहे थे। आईएस का झंडा दिखाया गया वो भी पूरी तरह से साजिश का ही हिस्सा है। इस फर्जी एनकाउंटर से मुसलमानों को बर्बाद करने के लिए आरएसएस ने ये काम किया है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह पर आरोप लगाते हुए रशादी ने कहा कि मुलायम ने अपनी हुकूमत में रामलला वाले मसले पर अपनी ताकत सबसे सामने दिखाने के लिए  7 लोगों को पकड़वाया था। वैसा ही काम उनके बेटे अखिलेश ने भी किया है। इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट जाएंगे।  आमिर रशादी सैफुल्ला के पिता सरताज से मिलने के बाद आतिफ और इमरान के घर भी गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें