कानपुर। शहर के एक अधिवक्ता ने अपने 25 वर्ष पुराने चेंबर पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सीपी के आदेश पर 19 अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी में कुछ अधिवक्ताओं और उनके साथियों ने चेंबर से टिनशेड, काउंटर, कुर्सियां, फाइलें और स्टांप हटाकर कब्जा कर लिया। वहां पक्का निर्माण भी करा दिया। कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता सौरभ दीक्षित, अधिवक्ता अश्वेंद्र सोनकर वारसी उर्फ काके, अधिवक्ता अनुराग बाजपेई, अधिवक्ता मोहित बाजपेई, अधिवक्ता विवेक दीक्षित, अधिवक्ता कुलदीप बाल्मिकी, अधिवक्ता मनीष पाल, अधिवक्ता अंकित शर्मा, अधिवक्ता अनीता सैनी और 8-10 अज्ञात साथियों पर चोरी और आपराधिक अतिचार करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
कल्याणपुर के आवास-विकास सत्यम विहार निवासी ब्रजेश कुमार सैनी के अनुसार वह पिछले करीब 25 वर्षों से कलक्ट्रेट परिसर के पास निर्वाचन कार्यालय के निकट टिनशेड डालकर विधि व्यवसाय कर रहे हैं। उनके साथ बेटा शशिकांत भी टाइपिंग करता है। उन्होंने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया कि अक्तूबर 2024 में दशहरे की छुट्टियों के दौरान वह मध्य प्रदेश स्थित सिद्धाश्रम धाम गए थे। 13 अक्तूबर 2024 को लौटने पर देखा कि कुछ अधिवक्ताओं और उनके 8-10 साथियों ने उनके चेंबर पर कब्जा कर लिया है। मौके पर दीवार खड़ी कर लिंटर भी डाल दिया गया।
उन्होंने पहले कानपुर बार एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। इस पर अपर नगर मजिस्ट्रेट ने जांच कर रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बाद में दूसरी जांच रिपोर्ट भी आई लेकिन कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने जन शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से पुलिस आयुक्त से दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई। कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण कुमार द्विवेदी के अनुसार मामले में रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है।