यात्रियों को अनहाईजीनिक और कम वजन का खाना देने पर सियालदह राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12314) की पेंट्रीकार पर एक लाख रुपये का जुर्माना हुआ है। इस बारे में उत्तर-मध्य रेलवे के सीपीआरओ विजय कुमार का कहना है कि पेनाल्टी लगाने का काम जोन का होता है।
वैसे भी रेलवे खाने-पीने में समझौता नहीं करता है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली-हावड़ा रूट पर चल रही लंबी दूरी की गाड़ियों (जिनमें पेंट्री कार होती है) में शिकायत मिली थी कि यात्रियों को अच्छी क्वालिटी का खाना नहीं दिया जा रहा है।
इसी के मद्देनजर बीती छह अप्रैल को दिल्ली से कानपुर पहुंची सियालदह राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12314) की पेंट्री कार में रेलवे अधिकारियों ने छापा मारा था। टीम ने यात्रियों को दिए जाने वाले भोजन की क्वालिटी परखीं और सैंपल भी लिए थे।
साथ ही दिए जा रहे खाने का वजन भी लिया था। अधिकारियों ने पेंट्री मैनेजर ईश्वर चंद्र और कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। इसके बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों ने पूर्वी रेलवे को भेजा था, क्योंकि सियालदह राजधानी पूर्वी रेलवे की गाड़ी है।
इसलिए पेनाल्टी का काम संबंधित जोन का होता है। इस बारे में आईआरसीटीसी के पीआरओ संदीप दत्ता का कहना है कि क्वालिटी में समझौता किसी कीमत पर नहीं होगा। पेंट्रीकार में सुधार नहीं होगा तो रेलवे पेनाल्टी करेगा।