शहर पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा, उनकी जानकारी में हैं कानपुर के मामले कैंट इलाके में धड़ल्ले से हुई डिफेंस लैंड की बिक्री में जल्द उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। यह बात रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने मंगलवार को सांसद देवेंद्र सिंह भोले के काकादेव स्थित आवास पर पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि कानपुर के मामले उनकी जानकारी में हैं। रक्षा विभाग को उन्होंने देश का सबसे बड़ा जमींदार करार देते हुए कहा कि इसमें देर लगेगी, मगर सख्त कार्रवाई अवश्य होगी। यह भी कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
आयुध निर्माणियों के निगमीकरण से इंकार करने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन्हें ऑटोनोमस बॉडी की तरह काम करने की स्वतंत्रता दी जाएगी। आयुध निर्माणियों का हिसाब-किताब कंपनी की तरह चलना चाहिए। इससे मुनाफे के साथ-साथ उत्पादन क्षमता भी बढे़गी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आयुध निर्माणी बोर्ड को और पावरफुल बनाया जाएगा ताकि जरा-जरा सी बात पर फाइलों को दिल्ली तक दौड़ाने का सिलासिला खत्म हो सके। वहीं अगले वर्ष तक आयुध निर्माण को 10-11 हजार करोड़ से बढ़ाकर 14-15 हजार करोड़ रुपये करेंगे। इसके लिए मौजूदा सेटअप को बेहतर बनाएंगे।
ट्रांसफर टेक्नालॉजी के तहत देश में विदेशी तकनीक से हथियार बनाने की बात पर भी उन्होंने सहमति जताई। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पॉलिसी के तहत देश में विदेश से आने वाले सैन्य साजो-सामान को देश में ही बनाने की बात कही, फिर चाहें विदेशी कंपनियां देश में ही अपने कारखाने लगाएं।
इससे देश में रोजगार भी स्रजित होंगे। फिलहाल विदेशी खरीद का सौ फीसदी यहां नहीं बन सकता, मगर धीरे-धीरे इसे लागू किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में परिकर ने कहा कि डीआरडीओ को आईआईटी के अलावा देश के बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के होनहार छात्रों संग रिसर्च वर्क करने को भी कहा गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में ज्यादा स्फूर्ति होती है और वे रुचि लेकर कार्य करते हैं। केवल पाकिस्तान को देखकर रक्षा बजट और नीति बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश की सभी सीमाओं की रक्षा करने के मकसद से नीतियां बनाई जाती हैं। मौजूदा केंद्र सरकार भी इसे लेकर संजीदा है।