यदि आपने उद्योग स्थापित करने के लिए उपकरण, मशीन और अन्य संयंत्र बैंक से लोन लेकर खरीदे हैं तो प्रदेश सरकार की ‘पूंजीगत ब्याज उपादान योजना’ का लाभ उठा सकते हैं।
इस योजना में लोन पर लगने वाले ब्याज की रकम पर पांच फीसदी की छूट दी जा रही है। छूट लगातार पांच साल तक मिलेगी। पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड के जिलों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) को सौंपी है।
इन्हें मिलेगा लाभ
ऐसी औद्योगिक इकाइयां ही योजना की पात्र होंगी, जिन्हें स्थापना के पांच साल के भीतर ऋण लिया हो। अगर ऋण उद्योग की स्थापना के समय लिया है तो तीन साल के अंदर वहां उत्पादन शुरू हो गया हो। जिला उद्योग केंद्र से मांगी सूचना
यूपीएफसी के प्रबंधक निदेशक मो. इफ्तिखारुद्दीन ने योजना को गति देने के लिए जिला उद्योग केंद्र को पत्र लिखा है। कहा है कि बीते वर्षों में कानपुर में स्थापित औद्योगिक इकाइयों की सूची नाम, पता और मोबाइल नंबर यूपीएफसी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह उद्यमियों से संपर्क कर उन्हें योजना की जानकारी दे सके। ऐसे मिलेगा लाभ- माना किसी उद्योग के लिए बैंक से 50 लाख रुपये का ऋण लिया गया है तो उस पर लगने वाले सालाना ब्याज की रकम का पांच प्रतिशत ‘पूंजीगत ब्याज उपादान योजना’ के तहत प्रतिपूर्ति किया जाएगा। यानी उद्योग मालिक के एकाउंट में यह पैसा बाद में आएगा। उसे अपनी ईएमआई उसी तरह चलानी है जैसी चल रही है। बैंक अलग-अलग ऋण के लिए अलग-अलग दर पर ब्याज लेते हैं।