कानपुर। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन को शनिवार को घाटमपुर विकास खंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं। फाइलों के रखरखाव और कामकाज में लापरवाही दिखी। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए दो पटल बाबुओं को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने ब्लाॅक कार्यालय पहुंचकर सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखी। सहायक विकास अधिकारी (आरडी) अखिलेश कुमार यादव और लेखाकार कपिल कुमार आर्य अवकाश पर पाए गए। सीडीओ ने नाराजगी जताई और तहसील दिवस और वरिष्ठ अधिकारियों के संभावित निरीक्षण के दिन अवकाश स्वीकृत न करने के निर्देश दिए। स्थापना पटल की अलमारी में फाइलों पर कोई नेम प्लेट या लेबल नहीं लगाया गया था, जिससे अभिलेखों की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। एक अलमारी में फाइलें अस्त-व्यस्त पड़ी थीं और वहां मकड़ी के जाले लगे मिले। इस पर सीडीओ ने जमकर फटकार लगाई। पटल सहायक हरिस्वरूप सचान (प्रधान सहायक) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायत पंजिका शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं थे और कॉलम खाली पाए गए। इससे शिकायतों के वास्तविक निस्तारण की समीक्षा सही नहीं हो सकी। सीडीओ ने पटल सहायक विवेक कुमार को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके साथ ई ऑफिस की व्यवस्था को एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश दिए।
मनरेगा से संबंधित कई फाइलें अधूरी मिलीं। इनमें कार्य से पहले, कार्य के दौरान और कार्य पूरा होने के बाद के फोटो तक नहीं थे। कई पत्रावलियों में इस्टीमेट और एमबी बुक भी उपलब्ध नहीं मिली। सीडीओ ने निर्देश दिए कि मनरेगा से जुड़ी सभी फाइलों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।