स्नेही....। मेरा यह पत्र पाकर आपको जितना आश्चर्य हो रहा है उतनी ही खुशी मुझे आपको यह पत्र लिखने में हुई है। मैंने यह पत्र आपको और आपके परिवार को धन्यवाद देने और अभिनंदन करने के लिए लिखा है...।
कुछ इसी तरह की पंक्तियों से शुरू हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र कानपुर शहर के करीब 50 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं के पास पहुंचे हैं। इन लोगों ने मोदी के आह्वान पर अपनी रसोई गैस सब्सिडी छोड़ दी थी। पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुझे खुशी है कि आप और आपके परिवार समेत देश के एक करोड़ से ज्यादा परिवारों ने मेरे अनुरोध पर सकारात्मक पहल करते हुए रसोई गैस सब्सिडी छोड़ दी।
इससे पांच करोड़ गरीब परिवारों को चूल्हे से निकलने वाले जानलेवा धुएं से मुक्ति मिलेगी। मैं आज आपसे कुछ और निवेदन करना चाहता हूं। अपने और कम से कम 10 परिचितों के घर में एलईडी बल्ब का इस्तेमाल शुरू कराएं। इससे बिजली के साथ पैसों की भी बचत होगी। स्वच्छता अभियान को अपना स्वभाव बनाएं। इसे जन आंदोलन बनाने की कोशिश करें। मैं चाहता हूं कि आपके साथ हमेशा जुड़ा रहूं। पत्र लिखकर जवाब जरूर लिखें।
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साकेत नगर के सर्वेश कुमार पांडेय ने बताया मंगलवार शाम गैस एजेंसी संचालक भारतीष मिश्र प्रधानमंत्री का मोमेंटो जैसा पत्र लेकर मेरे पास पहुंचे। मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री ने प्रोत्साहित किया है। अब मैं अपने परिचितों के घर में एलईडी लगवाने और स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए काम करूंगा।
गोविंद नगर निवासी हरीश चंद्रा ने बोले, रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने की प्रधानमंत्री की लोगों से सामूहिक अपील थी। मैने उस पर अमल किया, लेकिन यह तो कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से मेरे और मेरे परिवार का आभार जताएंगे। अपने घर में एलईडी तो पहले ही लगवा ली थी। अब दस ही नहीं ज्यादा से ज्यादा लोगों के घर एलईडी लगवाने का प्रयास करूंगा।