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अजयपुर गांव में फैला बुखार, बच्चों समेत 35 बीमार

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रूरा (कानपुर देहात)। अजयपुर गांव में बुखार का प्रकोप फैल गया है। यहां बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग समेत 35 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य टीम गांव में नहीं पहुंची है। जिसके चलते बुखार पीड़ित झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं सीएमओ ने स्वास्थ्य टीम भेजने की बात कही है।
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झींझक ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बनीपारा डगराहा के अजयपुर गांव में बुखार के मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बुखार ने सबसे ज्यादा बच्चों को अपनी चपेट में ले रखा है। गांव निवासी आर्यन, पूर्वी, श्रृष्टी, आख्या, पंकज कुमार, अलका दुबे समेत 35 से अधिक लोग करीब पांच दिनों से बुखार की चपेट मेें हैं।
गांव के ही शाहनवाज को बुखार के साथ ही खुजली व चकत्ते की समस्या हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब दस दिनों से बुखार गांव में कहर बरपा रहा है। तीन दिन पूर्व गांव के सत्यम शुक्ला की दो वर्षीय पुत्री खुशी की बुखार से मौत भी हो चुकी है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची और न ही बुखार पीड़ितों को दवा दी गई।
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जिसके कारण मरीज झोलाछाप डॉक्टर से उपचार कराकर जानजोखिम में डाल रहे हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. एके सिंह ने कहा कि अजयपुर में एक बच्ची की मौत होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजकर बुखार पीड़ितों का परीक्षण कराया जाएगा।
गौतमबुद्ध नगर में डायरिया से 27 बीमार, चार भर्ती
रसूलाबाद। डेंगू, बुखार के साथ अब डायरिया ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया गया है। कस्बे के गौतमबुद्ध नगर में डायरिया की चपेट मेें आकर गुरुवार को 27 मरीज सीएचसी पहुंचे। जहां डॉक्टर ने चार की हालत चिंताजनक होने पर भर्ती कर इलाज शुरू किया है।
रसूलाबाद कस्बे के गौतमबुद्ध नगर में डायरिया की चपेट में आकर गुरुवार को इमामुद्दीन की बेटी ताइबा (3), सानिया (13), शीलू पांडेय की बेटी नेहा (12), श्रीराम (60), रामू (23) समेत 27 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी मरीज सीएचसी में उल्टी दस्त की दवा लेने पहुंचे। जहां डॉक्टर अमित सक्सेना ने चार मरीजों की हालत चिंताजनक होने पर भर्ती कर इलाज शुरू किया।
23 मरीजों को दवा देकर घर में आराम करने की सलाह दी गई। वार्ड की सभासद रीता देवी ने बताया कि जगह-जगह नालियां चोक होने के कारण गंदगी है। जिससे संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। कई बार कहने के बावजूद सफाई कर्मी नहीं आए। वहीं एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि गौतम बुद्धनगर मेें डायरिया फैलने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य व नगर पंचायत अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।
विद्युत एसडीओ व किशोर में किट से डेंगू की पुष्टि
झींझक/शिवली। कस्बा निवासी मोहम्मद आलम (13) पुत्र मोहम्मद सईद की गुरुवार को रैपिड किट से हुई जांच मेें डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया है। अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि किट से जांच में डेंगू संभावित मिलने पर उपचार किया जा रहा है।
वहीं विद्युत उपकेंद्र शिवली में तैनात एसडीओ प्रकाश सिंह में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। वह इलाज के लिए छुट्टी लेकर चले गए हैं। एसडीओ ने बताया कि बुखार आने पर कानपुर की प्राइवेट लैब मेें जांच कराई थी। जहां डेंगू की पुष्टि हुई है। (संवाद)
बुखार ने मचाया कोहराम, अस्पतालों में आए 302 मरीज
कानपुर देहात। जिले में डेंगू व बुखार ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को सरकारी अस्पतालों मेें मरीजों की भीड़ उमड़ी। जिसमें जिला अस्पताल में अकेले 250 बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में बुखार के 52 मरीजों ने पहुंचकर परामर्श लिया। जिले मेें अब तक डेंगू से एक व बुखार से 18 लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश के बाद उफान पर आए नदी, नाले, तालाबों में पानी कम हुआ तो गंदगी ने पैर पसार लिया। जिम्मेदारों ने इसकी अनदेखी की तो मच्छरजनित व संक्रामक रोगों ने गांव-गांव पैर फैलाना शुरू कर दिया। मौजूदा समय में हर रोज डेंगू व बुखार के मरीजों की भीड़ अस्पतालों मेें उमड़ रही है। गुरुवार को जिला अस्पताल अकबरपुर की ओपीडी में कुल 555 मरीज आए। जिसमे 250 मरीज केवल बुखार के रहे।
वहीं बुखार मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल का जनरल वार्ड फुल रहा। इमरजेंसी वार्ड मेें भी सुबह के समय सिर्फ पांच बेड की खाली रहे। इसी तरह राजपुर पीएचसी में बुखार के 11 मरीज आए। जिनमे नौ मरीज वायरल व दो में मलेरिया की पुष्टि हुई। रनियां पीएचसी मेें बुखार के दो, झींझक सीएचसी मेें बुखार के 21 मरीज व गजनेर सीएचसी मेें 13 व सरवनखेड़ा पीएचसी मेें 5 बुखार के मरीज आए। जिन्हें परामर्श व दवा दी गई है।
डेंगू व बुखार के मरीज मिलने पर संबंधित गांवों मेें टीमों को भेजकर दवा वितरित कराई जा रही है। लोग मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और घर में जलभराव न होने दें। - डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
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