इटावा। त्योहारों से पहले शहर की जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने का मुख्यमंत्री का आदेश अधिकारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। शहर की 20 से अधिक सड़कें जर्जर हालत में हैं। जिस हिसाब से तैयारियां चल रहीं हैं उससे शहर की सड़कों का दुरुस्त होना संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में त्योहारों तक लोगाें को इन गड्डों वाली सड़कों पर हिचकोले भरने पड़ेंगें।
शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत सहित देखभाल के लिए नगर पालिका व लोकनिर्माण विभाग की जिम्मेदारी है। नगर पालिका की ओर से कबीरगंज, मेवाती मोहल्ला, गुरुतेग बहादुर ओवरब्रिज के पास की सड़क सहित लगभग 20 सड़कों को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है, लेकिन अभी तक इसमें काम शुरू नहीं किया गया। स्थिति यह है कि सड़कों का मरम्मतीकरण तो दूर पालिका ने इनमें मिट्टी व गिट्टी डालने का काम भी नहीं किया है। शहर के बलदेव चौराहा से नीलकंठ जाने वाला डामरीकृत मार्ग भी बीते कई वर्ष से जर्जर हालत में है। गुरुतेग बहादुर ओवरब्रिज से भरथना चौराहा की ओर जाने वाली सड़क की दशा भी दयनीय है। यहां भरथना चौराहा से नवीन मंडी पुल तक सड़क की दशा खराब है। यह सड़कें कई जगह से टूट गईं हैं, इससे लोगों को आने-जाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रहीं हैं। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है और इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। हालत यह है कि नगर पालिका प्रशासन इन सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए गंभीर नहीं दिख रही है।