भारतीय बाल रोग अकादमी की ओर से शनिवार को करवाई गई गोष्ठी में मुंबई से आए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शैलेंद्र गुप्ता व डॉ. जया अग्रवाल ने ‘आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया का स्वास्थ्य पर असर’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बच्चों को संक्रमण होने पर उनकी आंतों में जमा लाभकारी बैक्टीरिया नष्ट होने लगते हैं। कई बार बीमारी के दौरान दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं के साइड इफेक्ट से भी बैक्टीरिया नष्ट होे जाते हैं।
इसके दुष्प्रभाव से बच्चों में डायरिया, दस्त व अन्य तरह का संक्रमण बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में अधिक पॉवर की एंटीबायोटिक देने के बजाय दही का सेवन अधिक मात्रा में कराना चाहिए। डॉ. सुनील अग्रवाल, डॉ एमएम मैथानी, डॉ जेके गुप्ता, डॉ. प्रदीप मट्टू, जेजे तांबे आदि मौजूद थे।