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Kanpur Violence: हिंसा के लिए विदेशों से बड़ी फंडिंग की आशंका, हयात जफर हाशमी और उसके एसोसिएशन के खातों की जांच शुरू

Wed, 08 Jun 2022 07:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर हिंसा के मामले में  हयात जफर हाशमी और उसके एसोसिएशन को विदेश से फंडिंग मिलने की आशंका है। पुलिस की जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं और अब इस एंगल से भी गहनता से छानबीन शुरू की गई है। 
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कानपुर हिंसा में विदेशों से फंडिंग की आशंका - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बवाल के मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी और उसके एसोसिएशन को विदेश से फंडिंग की आशंका है। पुलिस को इस संबंध में कई पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। उसी आधार पर तफ्तीश शुरू की गई है। बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं। संबंधित बैंकों से संपर्क कर खातों का ब्योरा पुलिस जुटा रही है। 

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हयात जफर हाशमी समेत उसके करीबियों पर शिकंजा और कसा जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर के कई लोग हाशमी व उसके एसोसिएशन को फंडिंग करते रहे हैं। इसी तरह से उसको विदेश से भी फंडिंग हुई है। फंडिंग कहां-कहां से हुई, किसने की और कितनी की। 
इस बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। जानकारी यह भी मिली है कि हयात ने पूछताछ के दौरान खुद इस बात को स्वीकार किया था। कुछ लोगों के नाम भी बताए थे। जो संगठन के नाम पर उसको फंडिंग करते थे। पुलिस अब तहकीकात करेगी कि इसके तार कहां कहां तक जुड़े हुए हैं।

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हिंसा के मुख्य आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए जाएंगे साजिशकर्ता
बवाल के दूसरे दिन पुलिस ने हयात के साथ जावेद, सूफियान समेत चार साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। पांच जून को वह जेल भेजे गए थे। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि इन चारों साजिशकर्ताओं को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान तमाम खुलासे होने की उम्मीद है। विस्तृत पूछताछ की जाएगी। 

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
जुमे की सुरक्षा को लेकर सतर्क हुए अफसर
बवाल के बाद से हिंसा प्रभावित इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती है। दिन-रात अफसरों की मौजूदगी रहती है। पीएसी, आरएएफ की भी तैनाती की गई है। यही नहीं तीन आईपीएस शासन ने भेजे हैं। आसपास के जिलों की फोर्स भी लगाई गई है। जुमे को लेकर पुलिस अभी से सक्रिय हो गई।

पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
सफेदपोशों ने हिंसा भड़काने में मदद की
हयात जफर हाशमी के मोबाइल की जांच और पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आए। सभी लोग हयात जफर हाशमी को चुपचाल सपोर्ट कर रहे थे। हिंसा भड़काने के लिए आर्थिक मदद भी सुनिश्चित की गई थी। पुलिस के अनुसार, इन सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हयात की पर्दे के पीछे से मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 
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पीएफआई से हयात जफर हाशमी का कनेक्शन - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े होने के अहम साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे थे। आरोपी के घर से पीएफआई से जुड़ी संस्थाओं के दस्तावेज बरामद किए गए। फंडिंग से जुड़े इन सभी दस्तावेजों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। इस मामले में गहनता से पड़ताल करते हुए पुलिस मुख्य आरोपी और उसके संगठन से जुड़े लोगों के बैंक अकाउंट भी खंगाल रही है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि संस्था को फंडिंग कहां से मिल रही थी।
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