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कार्रवाई का सता रहा डर, ग्रामीणों ने साधी चुप्पी

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कानपुर देहात। भोगनीपुर के असुवापुर गांव में वैक्सीन लगाने को लेकर हुए झगड़े में अब ग्रामीणों को पुलिस की कार्रवाई का डर सता रहा है। दोनों पक्षों से सात नामजद समेत 32 अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। अज्ञात में नाम शामिल होने के डर से ग्रामीण चुप्पी साधे हैं। कोई कुछ भी बताने से कतरा रहा है। हालांकि शनिवार को कोतवाल ने गांव पहुंच कर कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की। वहीं बरामद रायफल किसकी है यह पुलिस अभी नहीं बता रही है।
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असुवापुर में शुक्रवार को कोरोना टीकाकरण के लिए कैंप लगा था। दोपहर में श्याम सुंदरपुर की प्रधान के रिश्तेदार डढ़वापुर निवासी व गोंडा जिले में तैनात समाज कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्रर जितेंद्र सिंह आदि गांव पहुंचे थे। यहां उनका गांव के ही आशीष उर्फ महेश से वैक्सीनेश को लेकर विवाद हुआ था। रायफल की बट लगने से आशीष का सिर फट गया था। शोर सुनकर जुटे मोहल्ले के लोगों ने प्रधान पक्ष के लोगों को पथराव कर खदेड़ दिया।
भागने के दौरान रायफल मौके पर छूट गई थी। बाद में ग्रामीणों ने गांव पहुंची पुलिस को रायफल सौंपी थी। घटना में आशीष उर्फ महेश ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी उम्र 27 साल है। प्रधान समर्थक जितेंद्र सिंह, चंदन, गुलाब व दो अज्ञात जबरन टीका लगवाने का दबाव बना रहे थे। विरोध पर अभद्रता कर मारपीट की। रायफल की बट मारकर सिंह फोड़ दिया।
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बीच बचाव को आई मां प्रेमा व पड़ोसी कमला को भी पीटा। जबकि डिप्टी कमिश्नर ने महेश, इंद्र कुमार शर्मा, अश्वनी व जालिया के परिवारीजनों समेत 30 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कुल 32 अज्ञात लोगों पर केस होने और पुलिस विवेचना में नाम जोड़े जाने का डर ग्रामीणों को सता रहा है। ऐसे में ग्रामीण कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं।
कोतवाल रामबहादुर पाल ने बताया कि महेश की ओर से दर्ज रिपोर्ट में एससीएसटी की धारा लगी है। विवेचना सीओ भोगनीपुर कर रहे हैं। बरामद रायफल किसकी है इसको लेकर जांच की जा रही है। घायल महेश, उसकी मां और दूसरे पक्ष के गुलाब व अभिनव को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है।
कार्रवाई के लिए लोगों को चिह्नित कर रही पुलिस
कानपुर देहात। असुवापुर की घटना में दर्ज केसों में अभी पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है। सीओ की विवेचना में एससीएसटी एक्ट के साक्ष्य के अनुसार गिरफ्तारी की कार्रवाई पुलिस करेगी। फिलहाल पाबंदी की कार्रवाई के लिए पुलिस झगड़े में शामिल लोगों व शरारती तत्वों को चिह्नित कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो व वीडियो से पहचान कराई जा रही है। कोतवाल रामबहादुर पाल ने बताया कि घटना में शामिल दोनों पक्षों के लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई होगी। पहचान कराकर जल्द पाबंदी की कार्रवाई की जाएगी।
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