धर्मपरिवर्तन के बाद शालिनी बनी फातिमा
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कानपुर में जबरन धर्मपरिवर्तन के मामलों की गंभीरता से जांच के दौरान एसआईटी के हाथ कुछ और अहम सुराग लगे हैं। टीम ने धर्मपरिवर्तन के दर्ज मामलों की जांच पड़ताल की तो जानकारी मिली कि कई मामलों में परिजनों ने लोकलाज के डर मुकदमों में कोई पैरवी नहीं की।
युवतियों का शारीरिक और मानसिक शोषण कर उन्हें छोड़ दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने उनकी दूसरी जगह शादी करा दीं। ऐसे मामलों में परिजनों की रजामंदी के बाद फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। एसआईटी में शामिल सीओ विकास पांडेय ने बताया कि अभी तक गोविंदनगर सर्किल और पनकी थाना क्षेत्र से मिला कर 9 मामले जबरन धर्मपरिवर्तन के प्रकाश में आए हैं।