यूपी के हरदोई जिले में बच्ची के उपचार के लिए दर दर भटक रहे पिता ने इलाज की व्यवस्था नहीं होने पर दिवाली पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। पिता ने जनसुनवाई के माध्यम से डीएम पुलकित खरे को इस संबंध में ऑनलाइन पत्र भेजा है।
क्षेत्र के हरैया गांव निवासी घनश्याम मिश्रा पुत्र राज कुमार मिश्रा वर्तमान में पिहानी कस्बे के भारतीय इंटर कॉलेज के निकट किराए के कमरे में रह रहा है। पेशे से ड्राइवर घनश्याम के एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उसने बताया कि सबसे छोटी बेटी लक्ष्मी के शरीर के आधे हिस्से के अंग बचपन से ही काम नहीं कर रहे हैं। जितना पैसा उसके पास था, उसने बचपन से अभी तक अपनी बच्ची के इलाज में खर्च कर दिया है पर हर डॉक्टर अलग-अलग बीमारी बताकर इलाज करता रहा लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
घनश्याम ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उदयपुर राजस्थान के नारायण सेवा संस्थान में बच्ची के पैरों का ऑपरेशन हुआ है, जिसमें बची पूंजी भी खत्म हो गई और वह कर्जदार भी हो गया है। बच्ची का इलाज न करा पाने पर उसने सीएम से लेकर कई प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली है।
उसने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में भी उसका नाम नहीं है। जब वह योजना के लाभ के प्रार्थनापत्र दिया तो आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया है कि 2011 एसईसीसी के अनुसार जो डाटा प्राप्त हुआ, उसी के तहत आयुष्मान भारत योजना की सूची बनी हुई है। नए परिवार को इसमें शामिल कर पाना संभव नहीं है। शासन स्तर से कोई निर्देश मिलने पर ही ऐसा किया जा सकता है। उसने बताया कि अब बच्ची को इस हाल में देख पाना संभव नहीं है। अगर इलाज की व्यवस्था न हुई तो दिवाली के दिन आत्मदाह करना ही विकल्प है।