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UP: लोन लिया अब्बू ने…हो गया इंतकाल, वसूली में विभाग बेहाल; ऋण माफी के चक्कर में नहीं जमा किया, पढ़ें मामला

Sun, 12 Jan 2025 09:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अब तक करीब 600 लोगों से 1.10 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी। इसमें भी लोगों ने ऋण की मूल राशि ही जमा की, ब्याज नहीं दिया। अब शेष धनराशि की वसूली के लिए विभागीय टीम चक्कर काट रही है।
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लोन - फोटो : Istock
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विस्तार
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कानपुर में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से 1996 से 2004 के बीच लोन लेने वाले कई व्यक्तियों का इंतकाल हो चुका है। 21 साल बाद लोन की वसूली के लिए विभाग के कर्मचारी बकायेदारों के परिजनों के पास पहुंच रहे हैं। जहां परिजन अब्बू का इंतकाल होने व खुद ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं होने की बात कह रहे हैं। इससे विभाग के 8.14 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।

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अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1996 से लेकर 2004 के बीच स्वतः रोजगार के लिए टर्म लोन योजना के तहत 15 हजार से एक लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया था। इस बीच करीब 850 लोगों ने 2.11 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसे जमा नहीं करने से ब्याज समेत यह रकम 9.24 करोड़ रुपये हो गई। शासन ने वसूली के सख्त निर्देश दिए तो विभाग भी सक्रिय हुआ।

वसूली के लिए चक्कर काट रही है विभागीय टीम
विभाग के कर्मी जब ऋण लेने वाले लोगों के घर पहुंचे, तो पता चला कि करीब 100 लोगों की मृत्यु हो चुकी। वहीं, 50 लोगों ने ऋण देने से ही इन्कार कर दिया। अब तक करीब 600 लोगों से 1.10 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी। इसमें भी लोगों ने ऋण की मूल राशि ही जमा की, ब्याज नहीं दिया। अब शेष धनराशि की वसूली के लिए विभागीय टीम चक्कर काट रही है।

ऋण माफी के चक्कर में नहीं जमा किया पैसा
योजना के तहत ऋण लेने वालों को विश्वास था कि सरकार इसे माफ कर देगी। ऋण माफी के इंतजार में काफी लोगों ने पैसा नहीं जमा किया। ब्याज बढ़ता गया और अब उन्हें कई गुना अधिक धन चुकाना पड़ेगा। पुराना बकाया वसूल करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से जिला स्तर पर टीम बनाई गई है। पैसा न जमा करने पर आरसी भी जारी कराई जा सकती है।

दोबारा शुरू हुई योजना तो 30 लोगों ने ले लिया ऋण
कोरोना काल के बाद शासन ने अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के लिए 2021 में यह योजना फिर शुरू की। इसमें करीब 30 लोगों ने ऋण लिया। इसमें सबसे ज्यादा डिप्टी पड़ाव निवासी एक व्यक्ति ने तीन लाख रुपये का ऋण ले लिया था। अब यह धन नहीं जमा कर रहे हैं।
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योजना के तहत ऋण लेने वाले काफी लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कई ने ऋण देने से मना कर दिया है। करीब 600 लोगों ने 1.10 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। उसमें ज्यादातर लोगों ने मूलधन की राशि जमा की है, ब्याज अभी भी बाकी है। -पवन कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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