बेटियों की मौत के बाद घर में पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
घर देर से लौटने पर पिता ने पूंछा इतनी देर क्यों हो गई तो उसने बताया कि सहेली के साथ मंदिर चली गई थी। इसी बात पर पिता ने दोनों बेटियों को डांट दिया। इससे क्षुब्ध होकर दोनों ने ट्रेन के आगे आकर जान दे दी। जानें पूरा मामला...
कानपुर। रामादेवी में शुक्रवार देर रात नाबालिग सगी बहनें गले लगकर ट्रेन के आगे खड़े हो गईं। ट्रेन दोनों को रौंदते चली गई और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि मां और सौतेले पिता ने कोचिंग से देर से लौटने पर बड़ी बेटी को डांट दिया था। इसी से नाराज होकर बड़ी बहन के साथ छोटी ने भी खुदकुशी कर ली। हालांकि परिजनों की यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। चकेरी इंस्पेक्टर ने बताया कि छानबीन की जा रही है।
बिना बताए मंदिर जाने पर डांट दिया था
मृतक शिखा की फाइल फोटो
चकेरी के मंगला विहार प्रथम (सावित्री नगर) निवासी सराफा व्यापारी अभिमन्यु वर्मा के बेटे जगदीश और सतीश की मौत हो चुकी है। सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र की तिरंगा चौराहा मंगला विहार में शिखा ज्वैलर्स नाम से दुकान है। जगदीश की पत्नी राधा और दो बेटियां शिखा (16) और तनु (15) थीं। जगदीश की मौत के बाद परिजनों ने राधा का ब्याह देवर धर्मेंद्र से करा दिया था। इसके बाद धर्मेंद्र से राधा को बेटा जयंत (8) और बेटी तान्या (11) हुई। अब धर्मेंद्र पत्नी राधा और सभी बच्चों के साथ रहता था।
इसी मकान में धर्मेंद्र की मां शशिकला भी रहती हैं। वह परिवार से अनबन के चलते अलग खाना पकाती हैं। परिजनों के मुताबिक शिखा और तनु क्रमश: 11वीं और नौवीं कक्षा में पढ़ती थीं। कोचिंग भी पढ़ती थीं। धर्मेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को शिखा स्कूटी से कोचिंग गई थी। कोचिंग की छुट्टी होने के बाद शाम पांच बजे तक वह घर नहीं लौटी। करीब छह बजे वह घर लौटी। पूछने पर शिखा ने बताया कि वह सहेली के साथ चकेरी इलाके में स्थित विंध्यवासिनी मंदिर दर्शन करने चली गई थी। बिना बताए मंदिर जाने पर उन्होंने और पत्नी राधा ने शिखा को डांट दिया था। उस वक्त शिखा चुपचाप अपने कमरे में चली गई।
रात करीब 3:00 बजे ट्रेन के आगे खड़ी हो गईं
घटना स्थल पर मौजूद पुलिस
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रात में शिखा और तनु ने परिवार केसाथ खाना खाया। इसके बाद दोनों अपने कमरे में सोने के लिए चली गईं। रात करीब 1:00 बजे शिखा और तनु घर का दरवाजा खोल कर चुपचाप घर से चली गईं। इसके बाद रामादेवी पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर रात करीब 3:00 बजे ट्रेन के आगे खड़ी हो गईं। ट्रेन की टक्कर लगने से दोनों के सिर और शरीर पर चोटें आईं। दोनों बहनें ट्रेन में फंसकर काफी दूर तक घिसटती चली गईं। इससे दोनों की मौके पर मौत हो गई।
घटना के बाद चालक ने ट्रेन रोक दी। उसने रेलवे कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी और बताया कि दो लड़कियां गले लगकर मेरी ट्रेन के आगे खड़ी हो गईं थीं, दोनों ट्रेन की चपेट में आ गई हैं। करीब डेढ़ घंटे बाद कोयला नगर चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शनिवार सुबह धर्मेंद्र और राधा की नींद खुली तो घर का दरवाजा खुला मिला और तनु व शिखा के गायब होने का पता चला। दोपहर तक खोजबीन के बाद सुराग नहीं मिला तो धर्मेंद्र चकेरी थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने दो लड़कियों के खुदकुशी करने की जानकारी दी। लड़कियों को फोटोग्राफ्स दिखाए तो परिजनों ने शवों की शिनाख्त शिखा और तनु के रूप में कर ली। इंस्पेक्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पोस्टमार्टम में अधिक खून बहने से मौत की पुष्टि हुई है। दोनों बहनों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए थे।