सिकंदरा। सत्यम की हत्या के बाद उसके परिजन बदहवास हैं। पिता बोले कि किशोर को भी वह अपने बेटे की तरह ही मानते था। बेटे से विवाद हुआ था तो उसे बताते वह डांटते लेकिन छोटी सी बात पर उसके जिगर के टुकड़े की हत्या कर दी। अब वह जीकर क्या करेगें।
अमराहट थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी छविराम ने बताया कि वह खेती-किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। गांव के अशोक उर्फ महात्मा की भतीजी की शादी में वह बेटे सत्यम व परिजन के साथ शामिल होने गए थे। वहां महज 500 रुपये के लेनदेन के विवाद में पास में ही रहने वाले किशोर ने चाकू मारकर बेटे की हत्या कर दी। वह दोनों आपस में बहुत में अच्छे मित्र थे। एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों ने साथ में ही हाईस्कूल की परीक्षा दी थी।
बताया कि यदि सत्यम उससे उधार दिए रुपये वापस मांगने को कह रहा था तो किशोर उसे आकर बताता वह सत्यम को समझा देते तो वह कभी दोबारा रुपये न मांगता। बेटे की हत्या कर किशोर ने उसके बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। इधर घटना के बाद सत्यम की मां मंजू देवी, बहन संगीता व निशा भी रो-रोकर बेहाल हैं। संगीता ने कहा कि शादी के जश्न में शामिल होने आए थे। यहां हुए विवाद ने उनके भाई को छीन कर जीवन भर का दर्द दे दिया। इधर घटना के बाद गेस्टहाउस में सन्नाटा पसर गया। एक-एक करके ग्रामीण व व्यवहारी गेस्टहाउस से खिसक लिए।महज वर व वधू के परिजन व रिश्तेदारों ने गमगीन माहौल में शादी की रश्में शुरू करवाईं।
अशोक उर्फ महात्मा ने बताया कि भतीजी खुशबू की शादी अकबरपुर निवासी रामदास के बेटे शशांक के साथ तय की थी। सोमवार को बरात के स्वागत से कुछ देर पहले ही घटना घटित हो गई। इससे खुशियों के बीच गम का मातम पसर गया। शांतिपूर्ण माहौल में शादी की रश्में पूरी करवाई जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर गेस्टहाउस में देर रात तक पुलिस की छानबीन चलती रही।