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बेटी का दोस्तों से बात करना गुजरा नागवार तो पिता ने दी दर्दनाक सजा, शव देख सन्न रह गए लोग

Sat, 30 Jun 2018 09:22 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नदी से शव निकालता मछुआरा, पुलिस की हिरासत में खुशी का पिता सतेंद्र - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में जालौन जिले के रामपुरा क्षेत्र में दोस्तों से बात करना पिता को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने बेटी की हत्या कर दी। लापता युवती का शव रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर की यमुना नदी में मिला है।
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रेढर थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुरा निवासी खुशी (20) पुत्री सतेंद्र सिंह करीब दो सप्ताह पहले अपनी दीदी की ससुराल इसी थाना क्षेत्र के ग्राम सुलखना आई थी। तीन दिन बाद खुशी के दो दोस्त बाइक से उससे मिलने सुलखना पहुंचे थे। खुशी को युवकों से बात करते देखना कुछ ग्रामीणों को नागवार गुजरा और उन लोगों ने युवकों को पीट दिया था। किसी तरह युवक वहां से भाग निकले।

इस बीच घटना का खुशी के  परिजनों को भी पता चल गया। इसी दिन शाम को खुशी भी संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। परिजनों ने उसके लापता होने की तहरीर नहीं दी। कई दिन बीतने के बाद जब गांव में चर्चा होने लगी तो कुछ लोगों ने थाने पहुंचे और पुलिस को युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना की जानकारी दी। पुलिस ने खुशी के पिता सतेंद्र व जीजा उपेंद्र उर्फ सोम पुत्र रामअवतार को थाने बुलाकर पूछताछ की।
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शव पूरी तरह सड़कर गल चुका था, पैर में पत्थर बंधा हुआ था

पुलिस की हिरासत में खुशी का पिता सतेंद्र - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने उन दो युवकों की भी तलाश शुरू कर दी। किसी तरह पुलिस को उन युवकों के बारे में पता चल गया। पूछताछ में उन्होंने सारी बात बताई। खुशी के साथियों ने भी उसकी हत्या की आशंका जताई थी।

इसके बाद उन्हीं में से एक दोस्त प्रशांत सिंह पुत्र सुनील बाबू निवासी ग्राम दौन कुठौंद ने खुशी के पिता, जीजा उपेंद्र उर्फ सोम व उसके पिता रामअवतार उर्फ रामू और चाचा राघवेंद्र सिंह के खिलाफ दोस्तों के साथ मारपीट करने व खुशी को गायब कर हत्या करने की आशंका जताते हुए तहरीर दी। पुलिस खुशी के पिता को लेकर तलाश कर रही थी। शुक्रवार दोपहर रामपुरा की जगम्मनपुर स्थित यमुना नदी में कुछ लोगों ने पानी में एक शव उतराता देखा।

जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। शव पूरी तरह सड़ कर गल चुका था। शव के पैर में पत्थर बंधा हुआ था। पुलिस ने सतेंद्र और उपेंद्र से शव की शिनाख्त कराई।  उन लोगों ने शव खुशी का बताया। पुलिस ने सतेंद्र, उपेंद्र व उसके पिता रामअवतार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि जीजा उपेंद्र का चाचा राघवेंद्र अभी फरार है। पूछताछ में उन लोगों ने खुशी की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की।  
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