कानपुर में अलंकार श्रीवास्तव ने अपने जिस मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या की है, उससे वह बेपनाह प्यार करता था। कोई जरा सा डांट भी देता तो भड़क जाता था। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि जिस बेटे को रात में अपने सीने से लगाकर सुलाता था, उसी को अपने हाथों से मौत की नींद सुला दिया।
इस वारदात से बच्चे की मां और दोनों बड़ी बहनें सदमे में हैं। रुशांक तीन बच्चों में छोटा था। सबसे बड़ी बहन तूलिका कक्षा दस की छात्रा है। तूलिका ने बताया कि पिता रुशांक से बहुत प्यार करते थे। अगर घर पर उसको कोई कुछ कह देता था तो वो रुशांक का ही पक्ष लेते थे। रुशांक पिता के साथ ही सोता था।
जरा सी बात पर टीचर से भिड़ गया था आरोपी
परिजनों ने बताया कि रुशांक किड्स-प्री स्कूल में दूसरी का छात्र था। लॉकडाउन से पहले एक दिन स्कूल के एक टीचर ने रुशांक को किसी बात पर डांट दिया था। घर आकर रुशांक ने यह बात पिता को बताई थी। दूसरे दिन अलंकार स्कूल पहुंचा था और उस टीचर से भिड़ गया था। काफी देर विवाद हुआ था।
पहले तकिया से मुंह दबाया, फिर घोंटा गला
पुलिस ने कई घंटे तक आरोपी अलंकार से पूछताछ की। बहुत देर तक उसने मुंह नहीं खोला। बार-बार यही कर रहा था कि बस मार दिया। काफी देर बाद उसने बताया कि पहले उसने रुशांक का मुंह तकिया से दबाया। उसके बाद हाथों से गला दबा दिया।