जालौन जिले के उरई में जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने कक्षा छह में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले पिता को उम्रकैद की सजा और पचास हजार जुर्माना लगाया है। मामला दिसंबर 2019 में गोहन थाने का है।
बेटी के बाबा ने ही अपने बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामले में चार्जशीट दाखिल होने के 20 दिन के अंदर ही कोर्ट ने फैसला सुना दिया। अदालत ने दोषी पिता को मरते दम तक जेल में ही सजा काटने का फैसला सुनाया है।
मामला गोहन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी कक्षा छह की छात्रा ने अपने बाबा को बताया कि 10 दिसंबर 2019 की रात उसके पिता ने शराब के नशे में धुत होकर उसके साथ गलत काम किया। इस घटना को छात्रा के कक्षा सात में पढ़ने वाले 13 वर्षीय बड़े भाई ने भी देखा था।
बेटी के मुताबिक, पिता करीब एक साल से लगातार उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। यह सुनते ही बाबा के होश उड़ गए और उन्होंने अपनी पौत्री के साथ थाने जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराकर बाबा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद 21 जनवरी 2020 को मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। जिसके 20 दिन के अंदर ही सोमवार को अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने दोषी को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये की सजा सुनाई।
मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन व सहायक शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि अदालत ने त्वरित न्याय प्रक्रिया के तहत चार्जशीट दाखिल होने के 20 दिन के अंदर ही फैसला सुनाया है। साथ ही अदालत ने दोषी पिता पर पचास हजार अर्थदंड लगाते हुए मरते दम तक जेल में ही रहने का आदेश दिया है।