कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रहता था परिवार
कई दैनिक अखबार की एजेंसी भी चला चुका है। व्यापार के लिए उसने कई लोगों से लंबा कर्ज ले रखा था। अमर पर करीब 50 लाख का कर्ज था। कर्ज के दबाव में ही अमर का घर भी बिका था। इसके बाद भी कर्ज से छुटकारा नहीं मिला था। मकान बेचने के काफी दिनों बाद तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रहता था।
फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
- फोटो : amar ujala
कभी कोई विवाद जैसी बात सामने नहीं आई थी
किसी तरह लखनऊ बाईपास रोड पर मकान बनवाकर जिंदगी दोबारा पटरी पर लौट रही थी। अचानक परिवार के तीन लोगों की मौत का रहस्य लोग जानने के लिए तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। रिश्तों के बीच भी कुछ अनैतिक होने की इलाकाई लोगों में रही। परिवार के बीच कभी कोई विवाद जैसी बात सामने नहीं आई थी।
मित्र और बहनोई से हाल में लिए थे रुपये
अमर ने एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये कर्ज लिए थे। कुछ लोगों से अमर चार से पांच लाख रुपये का कर्ज मांग रहा था। उसने होली के आसपास बहनोई अनमोल से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अक्सर अमर लोगों से रुपयों का लेनदेन करता रहा है। बहनोई ने बताया कि तीनों की मौत आत्महत्या नहीं हो सकती है। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
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मां की गोद पर था बेटे का सिर, घटना से पहले चाय पी
घटनास्थल कमरा करीब आठ फीट चौड़ा और 13 फीट गहरा है। मां के कंधे के पास अमर सिर रखे था। ऐसा लगा कि मरने से पूर्व अमर मां के आंचल लिपटकर रोया होगा। कमरे में चाय पीने के झूठे गिलास भी रखे थे। कयास लगाए गए कि घटना से पहले तीनों ने चाय में ही सल्फास घोलकर पीया होगा। तड़पने पर ब्लेड से खुद पर हमले किए। मौके पर ब्लेड का पैकेट भी मिला। बताया जा रहा है कि अमर को मां और चाचा सबसे अधिक स्नेह था। मां और चाचा भी अमर के लिए सबकुछ करने को तैयार रहते थे।
सुसाइड नोट में तीन लोगों को ठहराया जिम्मेदार
घटनास्थल पर पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें तीन नामों का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट में अमर ने आर्थिक स्थित बिगड़ने के साथ कर्जदारों से तंग होने का हवाला भी दिया है। कर्ज से तंग आकर ही सामूहिक आत्महत्या की बात लिखी है। एसओजी व इंटेलीजेंस विंग की टीम ने तीनों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सुसाइड नोट के आधार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद प्राथमिकी भी दर्ज कर सकती है।
फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
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तीनों के बीच खूनी संघर्ष में देवर हमलावर
कमरे में एक जगह मां-बेटे के शव और करीब तीन फीट दूर देवर सुनील शुक्ला घायल मिला है। प्रथम दृष्टया घटनास्थल को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तीनों के बीच आपस में खूनी संघर्ष हुआ होगा, जिसमें देवर भारी पड़ा।
ये था पूरा मामला
लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास एक बंद कमरे में मां और बेटे के खून से लथपथ शव मिले। कुछ दूरी पर महिला का देवर लहूलुहान हालत में पड़ा था। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी भी सांसें थम गईं। पुलिस दो बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला तीनों के बीच किसी बात पर विवाद हुआ। जिसके बाद एक-दूसरे पर हमला किया। देवर ने भाभी और भतीजे को मौत के घाट उतारने के बाद खुद की जान ले ली। दूसरा तीनों के सल्फास खाकर और ब्लेड से हमला कर खुदकुशी की गई है।