प्रदेश के बॉर्डर चंदौली से कानपुर तक संरक्षित पशुओं की हाईवे पर तस्करी कराने का मास्टरमाइंड चांद मोहम्मद उर्फ चांदबाबू शुक्रवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ है। गोली उसके पैर में लगी है। पशु तस्करी में उसका बड़ा नेटवर्क है। नेटवर्क में जिले के अलावा चंदौली तक हाईवे के थानों पर तैनात कई पुलिसकर्मी उसके सहयोगी बताए जाते हैं।
इसी वजह से बेखौफ होकर खागा कोतवाली हाईवे पर मझिलगांव चौकी क्षेत्र पर लोड ट्रकों को पास कराने पहुंचा था। हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी संरक्षित पशु की हत्या की कोशिश किए जाने में की है। खागा कोतवाल जेपी शाही, मझिलगांव चौकी प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी और स्वॉट टीम द्वितीय प्रभारी विंध्यवासिनी तिवारी की संयुक्त टीम ने कौशांबी जिले के कड़ाधाम दौलतपुर निवासी चांद मोहम्मद उर्फ चांद बाबू को गोली मारकर पकड़ा है। उसका एक साथी भाग निकला है।
मौके पर एएसपी अनिरुद्घ कुमार जांच करने पहुंचे। पुलिस के मुताबिक बदलवापुर गांव में संरक्षित पशु की हत्या के लिए चांदबाबू पहुंचा था। पुलिस को देखकर फायरिंग की। पुलिस ने अपने बचाव में फायरिंग की। पुलिस की गोली चांदबाबू के पैर में लगी और वह घायल हो गया। उसका दूसरा साथी भाग निकला। मौके से एक तमंचा, लग्जरी कार हुंडई क्रेटा, दो चापड़, दो चाकू, ठीहा, गोवंश बरामद किया गया है।
एएसपी के मुताबिक चंदौली, वाराणसी, कौशांबी, रायबरेली, फतेहपुर में संरक्षित पशु और मांस तस्करी के नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चांदबाबू के भाई सलीम पर भी कई मुकदमे हैं। जिले में सलीम पकड़ा जा चुका है। चंदौली से लेकर कानपुर तक चांदबाबू के गुर्गे लग्जरी वाहनों से संरक्षित पशु और मांस लदे ट्रकों को पास कराते हैं। उनका सभी थानों के पुलिस कर्मियों से गठजोड़ है। महकमे में चांदबाबू के पकड़े जाने के बाद कई पुलिस कर्मी मायूस भी दिखे।