खाने में मिलाते थे नशीला पदार्थ
सुधांशु की मानें तो रात को खाना खाने के तुरंत बाद ही उसे नींद आ जाती थी। उसे शक है कि खाने में कोई नशीला पदार्थ दिया जाता था। उसका कमरा भी बदलते थे। आधार कार्ड भी जमा कर लिया था। बाकी लड़के पहले से कंपनी के संपर्क में हैं। उनका ब्रेन पूरी तरह से वॉश हो चुका है, जिसके चलते वे पुलिस को रटा-रटाया जवाब देते हैं। वह मंत्री कौशल किशोर के प्रतिनिधि अंशू चौहान की टीम की वजह से घरवालों तक पहुंच सका है।
गिरफ्तार नहीं होने पर विवेचक हटाए गए
एसपी राजेश सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तारी न किए जाने के चलते विवेचक संदीप कुमार तिवारी को जिला अस्पताल चौकी के पद से हटाया गया है। उनकी जगह प्रभारी साइबर सेल शिव कुमार यादव चौकी का प्रभारी बनाया गया है। वहीं संदीप तिवारी को कचहरी चौकी प्रभारी, बिंदकी से एसआई नंदकिशोर पाल को मुसाफ चौकी बकेवर, पुलिस लाइन से एसआई भारत सिंह को खागा कोतवाली भेजा गया है।
मास्टर माइंड के ठिकानों पर लटके मिले ताले
पुलिस टीमों ने बुधवार को मास्टर माइंड इकलाख के अड्डों पर छापामारी की है। पुलिस को आबूनगर स्थित ईदगाह के पास इकलाख के कमरे में ताला लटकता मिला। उसके गुर्गों के ठिकानों पर भी पुलिस ने दबिश दी। यहां भी कोई नहीं मिला। अब पुलिस इकलाख के गांव बिहार प्रांत के मुजफ्फरपुर में दबिश देने की तैयारी में जुटी है। उसके दूसरे फरार साथियों की तलाश में भी अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी।
युवाओं की तरह पुलिस ने भी साधी चुप्पी
सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में कंपनी के ठिकानों पर मिले युवाओं की चुप्पी से मामला उलझ रहा है। युवाओं की मजबूरी यह है कि यदि उन्होंने जुबान खोली तो संचालक उन्हें भगा भी सकते हैं और उनका रोजगार छिन जाएगा। पुलिस भी पूरे मामले में हीला-हवाली बरत रही है।
करीब दो साल पहले कंपनी से भागने वाले कई लड़कों ने पुलिस से शिकायत की थी। उस समय धर्म परिवर्तन की बात भी सामने आई, लेकिन उस समय कोई कानून न होने की वजह से केवल धोखाधड़ी में ही मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस कई बार लड़कों को कंपनी संचालक से उनका लेनदेन कराने के बाद घर के लिए रवाना करा देती रही है, जिससे पूरा मामला ही खत्म हो जाता था।
कंपनी मे काम करने वाले युवा आम लोगों से दूर ही रहा करते हैं। दुकानों पर सामान खरीदने भी कभी-कभार ही निकलते हैं। सीओ सिटी डीसी मिश्रा ने बताया कि धर्म परिवर्तन मामले की जांच की जा रही है। विवेचक संदिग्धों की धरपकड़ में जुटे हैं।
सपनों की दुनिया में जीते युवक
गैर जिलों से कंपनी में आए लड़के सपनों जैसी दुनिया में जीते हैं। कुछ माह गुजारने वाले युवकों के बीच होने वाली बातचीत लोगों ने सुनी है। लोगों के मुताबिक कंपनी के दो युवक कुछ दिन पहले आपस में बातचीत कर रहे थे। एक बोला कि लाखों कमाने के बाद गांव जाएगा और टावर के बराबर का मकान बनवाएगा। दूसरा बोला कि उसकी बड़े लोगों की तरह ऑडी कार खरीदने के तमन्ना है। इन ख्वाहिशों को कंपनी के जरिए वह लोग जल्द ही पूरी कर लेंगे।