फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्म परिवर्तन: नशा... पैसा... और ब्रेन वॉश... जानें हिंदू से मुस्लिम बनाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते थे आरोपी

Thu, 23 Jun 2022 01:36 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

फतेहपुर जिले में धर्म परिवर्तन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुधांशु ने पुलिस को बताया है कि नई बस्ती सईद गार्डेन के पीछे एक मदरसे में उसे 17 जून को कंपनी के लोग लेकर गए थे। वहां पहले मनोविज्ञान के बारे में उसे एक मौलवी ने जानकारी दी। मौलवी ने बताया कि मन को कैसे पढ़ा जा सकता है।
विज्ञापन
धर्म परिवर्तन प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कंपनी के खिलाफ धर्म परिवर्तन का मुकदमा दर्ज कराने वाले सुधांशु चौहान ने पुलिस को उस जगह तक पहुंचा दिया है, जहां पाठशाला चलाई जाती है। यह इलाका आबूनगर चौकी के अंतर्गत नई बस्ती ईदगाह में आता है। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई से बच रही है।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक सुधांशु ने पुलिस को बताया है कि नई बस्ती सईद गार्डेन के पीछे एक मदरसे में उसे 17 जून को कंपनी के लोग लेकर गए थे, जहां पहले मनोविज्ञान के बारे में उसे एक मौलवी ने जानकारी दी। मौलवी ने बताया कि मन को कैसे पढ़ा जा सकता है। उसके बाद धर्म परिवर्तन के बारे में बताया और कहा कि हिंदू से मुस्लिम धर्म अपनाने पर लाखों- करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं।

उसने बताया कि मुस्लिम धर्म की विशेषताएं गिनाई गईं। उसके बाद लखनऊ बाईपास स्थित ऑफिस भी ले गए थे। उसे सात दिन की ट्रेनिंग देने के लिए कहा गया था। उसी इलाके में 18 जून को एक मैरिज हाल में ले गए, जहां सैकड़ों की संख्या लड़के थे। वहां कंपनी के रॉयल प्रेसीडेंट का सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों ने गरीबी से अमीरी तक अपने अनुभव व हालात साझा किए। उनकी बातों पर सभी लड़के जी सर, यस सर बोलते और ताली बजा रहे थे।

विज्ञापन

खाने में मिलाते थे नशीला पदार्थ
सुधांशु की मानें तो रात को खाना खाने के तुरंत बाद ही उसे नींद आ जाती थी। उसे शक है कि खाने में कोई नशीला पदार्थ दिया जाता था। उसका कमरा भी बदलते थे। आधार कार्ड भी जमा कर लिया था। बाकी लड़के पहले से कंपनी के संपर्क में हैं। उनका ब्रेन पूरी तरह से वॉश हो चुका है, जिसके चलते वे पुलिस को रटा-रटाया जवाब देते हैं। वह मंत्री कौशल किशोर के प्रतिनिधि अंशू चौहान की टीम की वजह से घरवालों तक पहुंच सका है।

गिरफ्तार नहीं होने पर विवेचक हटाए गए 
एसपी राजेश सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तारी न किए जाने के चलते विवेचक संदीप कुमार तिवारी को जिला अस्पताल चौकी के पद से हटाया गया है। उनकी जगह प्रभारी साइबर सेल शिव कुमार यादव चौकी का प्रभारी बनाया गया है। वहीं संदीप तिवारी को कचहरी चौकी प्रभारी, बिंदकी से एसआई नंदकिशोर पाल को मुसाफ चौकी बकेवर, पुलिस लाइन  से एसआई भारत सिंह को खागा कोतवाली भेजा गया है।

मास्टर माइंड के ठिकानों पर लटके मिले ताले
पुलिस टीमों ने बुधवार को मास्टर माइंड इकलाख के अड्डों पर छापामारी की है। पुलिस को आबूनगर स्थित ईदगाह के पास इकलाख के कमरे में ताला लटकता मिला। उसके गुर्गों के ठिकानों पर भी पुलिस ने दबिश दी। यहां भी कोई नहीं मिला। अब पुलिस इकलाख के गांव बिहार प्रांत के मुजफ्फरपुर में दबिश देने की तैयारी में जुटी है। उसके दूसरे फरार साथियों की तलाश में भी अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी।

युवाओं की तरह पुलिस ने भी साधी चुप्पी
सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में कंपनी के ठिकानों पर मिले युवाओं की चुप्पी से मामला उलझ रहा है। युवाओं की मजबूरी यह है कि यदि उन्होंने जुबान खोली तो संचालक उन्हें भगा भी सकते हैं और उनका रोजगार छिन जाएगा। पुलिस भी पूरे मामले में हीला-हवाली बरत रही है।

करीब दो साल पहले कंपनी से भागने वाले कई लड़कों ने पुलिस से शिकायत की थी। उस समय धर्म परिवर्तन की बात भी सामने आई, लेकिन उस समय कोई कानून न होने की वजह से केवल धोखाधड़ी में ही मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस कई बार लड़कों को कंपनी संचालक से उनका लेनदेन कराने के बाद घर के लिए रवाना करा देती रही है, जिससे पूरा मामला ही खत्म हो जाता था।
विज्ञापन

कंपनी मे काम करने वाले युवा आम लोगों से दूर ही रहा करते हैं। दुकानों पर सामान खरीदने भी कभी-कभार ही निकलते हैं। सीओ सिटी डीसी मिश्रा ने बताया कि धर्म परिवर्तन मामले की जांच की जा रही है। विवेचक संदिग्धों की धरपकड़ में जुटे हैं।

सपनों की दुनिया में जीते युवक  
गैर जिलों से कंपनी में आए लड़के सपनों जैसी दुनिया में जीते हैं। कुछ माह गुजारने वाले युवकों के बीच होने वाली बातचीत लोगों ने सुनी है। लोगों के मुताबिक कंपनी के दो युवक कुछ दिन पहले आपस में बातचीत कर रहे थे। एक बोला कि लाखों कमाने के बाद गांव जाएगा और टावर के बराबर का मकान बनवाएगा। दूसरा बोला कि उसकी बड़े लोगों की तरह ऑडी कार खरीदने के तमन्ना है। इन ख्वाहिशों को कंपनी के जरिए वह लोग जल्द ही पूरी कर लेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें