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रिंद का ‘मरण कुंड’: कमर भर पानी के बाद 30 फीट गड्ढा, एक-एक कर टूटीं चारों की सांसें, निजाम ने सुनाई पूरी कहानी

Mon, 18 May 2026 05:33 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

Fatehpur Rind River Accident News: फतेहपुर के कुनुहाडेरा में रिंद नदी के 30 फीट गहरे अज्ञात कुंड में डूबने से कानपुर व मुंबई से लौटे 4 छात्र दोस्तों की मौत हो गई, जो एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में गहरे पानी में समा गए थे।
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Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फतेहपुर जिले में गर्मी में नहाने पहुंचे दोस्त नदी की हकीकत से अनजान थे। नदी के किनारे रहने वाले लोग भी जिस कुंड के पास जाने से घबराते हैं। वहीं, चार दोस्तों की मौत का कारण बन गया। नदी किनारे से करीब 50 मीटर दूर बीच धारा में बने करीब 30 फीट गहरे कुंड से चारों युवकों के शव निकाले गए।

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ललौली थाना क्षेत्र के कुनुहांडेरा गांव किनारे रविवार दोपहर नदी का इलाका सुनसान था। घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर बांदा के रामपुर को जोड़ने वाले पुल का निर्माण चल रहा है। निर्माण स्थल पर सेतु निगम ने आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था कर रखी है। तपनी गांव के युवक उसी सुनसान जगह पर नहाने पहुंचे थे।

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जाल के सहारे गहराई में उतरकर शव बाहर निकाले

गोताखोरों के मुताबिक नदी में उतरने पर पहले कमर तक पानी था। करीब 10 मीटर आगे पानी छाती तक पहुंचता है और 50 मीटर आगे गहरा कुंड है। इसी कुंड में डूबने से अंश, शाहिद खां उर्फ टोबो, मो. शान मंसूरी और हसीबुद्दीन की मौत हो गई। गोताखोरों ने जाल के सहारे गहराई में उतरकर शव बाहर निकाले। ग्रामीणों का कहना है कि वे कभी इस कुंड के पास नहीं जाते। पहले यहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ था।

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
घरों से पैदल नदी किनारे पहुंचे परिजन
अंश, शाहिद खां उर्फ टोबो, मो. शान मंसूरी और हसीबुद्दीन रविवार दोपहर खाना खाने के बाद गांव में वक्त बिताने निकले थे। चारों की उम्र 17 से 20 साल के बीच थी। सभी दोस्तों को बाइक से घूमने और साथ रहने का शौक था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।

जिगरी दोस्तों की दोस्ती का सफर खत्म
हादसे की खबर गांव पहुंचते ही सैकड़ों लोग पैदल नदी की ओर दौड़ पड़े। घटनास्थल गांव से करीब पांच से छह किलोमीटर दूर था। एक-एक कर चारों शव बाहर निकाले गए, तो परिजन को भरोसा नहीं हो रहा था कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं रहे। नदी किनारे पड़े कपड़ों को पकड़कर परिजन बिलखते रहे। महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
परिजनों के चेहरे गमगीन
शाहिद उर्फ टोबो तपनी गांव निवासी सन्ने खां के चार बेटों में एक था। वह बहुआ इंटर कॉलेज में इंटर का छात्र था। उसकी मौत से मां फरजाना और भाई गोले, भोले व साहिल बदहवास हैं। मो. शान मंसूरी की मौत से पिता नफीस मंसूरी, मां सबीना, भाई नौशाद और बहनें शबा, सना व नौशीन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह प्रताप हायर एजुकेशन सिधांव में बीए का छात्र था।

अंश को रात में चेन्नई जाना था
हसीबुद्दीन मुंबई में बुआ जुबैदा के यहां रहकर आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। वह एक सप्ताह पहले ही गांव लौटा था। उसके पिता फरीद खां सऊदी अरब में रहते हैं। मां तय्यबा और भाई हस्सान बेसुध नजर आए।अंश के पिता गोरे प्रजापति चेन्नई में रहते हैं। बेटे की मौत से मां सोनम बदहवास हैं। छोटा भाई आर्यन भी गहरे सदमे में है। अंश को रविवार रात चेन्नई जाने के लिए कानपुर से ट्रेन पकड़नी थी।

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
दोस्त बोला- अढ़ावल की जगह कुनुहाडेरा चलने का बना था प्लान
चार दोस्तों की मौत के बाद तपनी गांव में मातम पसरा है। डूबने से बचे निजाम और अरमान अब भी दहशत में हैं। दोनों को गांव के लोग संभालते नजर आए। उनके चेहरों पर हादसे का खौफ साफ दिख रहा था। निजाम ने बताया कि शाहिद खां उर्फ टोबो, शान, अंश और हसीबुद्दीन समेत कई दोस्त दोपहर में मिले थे। पहले यमुना नदी के अढ़ावल घाट पर नहाने की बात हुई थी, लेकिन शाहिद ने कहा कि कुनुहाडेरा नजदीक है।

पुल पर काम कर रहे मजदूरों ने बचाया
वहीं, रिंद नदी में नहा लेते हैं। नदी में आगे बढ़ने पर अंश का पैर गहराई में चला गया और वह डूबने लगा। उसे बचाने में बाकी तीन दोस्त भी गहराई में चले गए। शोर मचाने पर दोस्त मोनू और शहबाज ने लोगों को बुलाया। स्थानीय ग्रामीणों और निर्माणाधीन पुल पर काम कर रहे मजदूरों ने उन्हें बचाया। निजाम ने कहा कि अब वे कभी नदी, नहर या तालाब में नहाने नहीं जाएंगे।

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
50 से अधिक गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू, नदी किनारे उमड़ी भीड़
चारों युवकों को बचाने के लिए 50 से अधिक गोताखोर नदी में उतर गए। जाल डालकर शवों की तलाश की गई। नदी किनारे टीलों पर भारी भीड़ जुटी रही। चीख-पुकार और शोर के बीच लोग मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते रहे। बाहर निकाले गए युवकों को बचाने के लिए पेट दबाकर पानी निकालने की कोशिश भी की गई।

सांसद ने शोक जताया
ललौली। सपा सांसद ने ललौली थाना क्षेत्र के तपनी गांव में यमुना नदी में डूबने से चार युवकों की मौत पर शोक जताया। उन्होंने स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पीड़ित परिवारों से बात कर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। सांसद सोमवार को परिजनों से मिलने पहुंचेंगे। 

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
ये था पूरा मामला
गर्मी में रिंद नदी में नहाते समय आठ दोस्तों में छह युवक कुंड की गहराई में चले जाने से डूब गए। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। इनमें से एक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और तीन की सांसें सीएचसी में थम गईं। वहीं दो की जान बचा ली गई। हादसे को देखकर दो अन्य साथी बुरी तरह सहम गए। एएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजन और ग्रामीणों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए।

रिंद नदी में नहाने चले गए थे सभी
ललौली थाना क्षेत्र के तपनी गांव निवासी निवासी अंश (18), शाहिद खां उर्फ टोबो (19), मो. शान मंसूरी (20), हसीबुद्दीन (20), निजाम (17), मोनू रैदास (20), अरमान (18) और शाहबाज (19) रविवार दोपहर करीब 12 बजे गांव में बैठे थे। गर्मी अधिक होने पर सभी तीन बाइकों से कुनुहा डेरा के पास रिंद नदी में नहाने चले गए। करीब एक बजे सभी नदी में नहा रहे थे। 

Fatehpur Rind River Accident - फोटो : amar ujala
निजाम और अरमान को सुरक्षित बाहर निकाला
तभी अंश कुंड के पास गहराई में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए शाहिद खां, मो. शान और हसीबुद्दीन पहुंचे लेकिन वे भी गहरे पानी में फंस गए। यह देखकर निजाम और अरमान भी उन्हें बचाने के प्रयास में डूबने लगे। मोनू रैदास और शाहबाज ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। स्थानीय मछुआरों और गोताखोरों की मदद से निजाम और अरमान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 
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आनन फानन तीनों को सीएचसी लाया गया
दोपहर करीब डेढ़ बजे हसीबुद्दीन और करीब दो बजे शाहिद खां उर्फ टोबो, शान नदी से बाहर निकाले गए। आनन-फानन में हसीबुद्दीन, शाहिद खां उर्फ टोबो और शान को सीएचसी लाया गया। यहां तीनों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। करीब तीन बजे अंश नदी की गहराई में मृत मिला। सभी अच्छे दोस्त थे और पढ़ाई करते थे। इनमें हसीबुद्दीन मुंबई से आईटीआई कर रहा था।
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