बिंदकी। जाफराबाद ग्राम पंचायत की जमीन पर नगर पालिका बिंदकी अवैध तरीके से दो प्रतिशत विकास शुल्क वसूल रही है। तीन साल पहले कमिश्नर ने नगर पालिका की वसूली को अवैध ठहराया था। एक भूमि की खरीद के मामले में उन्होंने जमीन खरीदने वालों को विकास शुल्क अदा न करने के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी पालिका विकास शुल्क ले रही है।
अधूरे बाईपास निर्माण में बाधक बनी जमीन जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र में है। इसकी तस्वीर तीन साल पहले ही साफ हो गई थी। तीन साल पहले जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र की एक जमीन की खरीद के मामले में प्रकरण कमिश्नर की अदालत में पहुंचा था। अभिलेखों के आधार पर कमिश्नर ने जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र की जमीनों पर पर दो प्रतिशत नगर पालिका की विकास शुल्क वसूली को अवैध ठहराया था।
2017 में जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र में कुछ लोगों ने जमीन खरीदी थी। क्रेता ने विक्रय की गई जमीन का सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क अदा किया था। जमीन नगरपलिका की सीमा में न होने के कारण क्रेतागण ने दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क नहीं जमा किया। इस पर नगर पालिका ने उन्हें नोटिस भेजी थी। क्रेतागणों ने न्यायालय मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी इलाहाबाद की कोर्ट में अपील की थी।
अपीलकर्ता ने अपना पक्ष न्यायालय में रखते हुए बताया था कि क्रय की गई भूमि नगर पालिका की सीमा में नहीं है। ऐसे में विकास शुल्क जमा करने का कोई औचित्य नहीं है। बयान के समर्थन में अपीलकर्ता ने ईओ नगर पालिका का प्रमाणपत्र साक्ष्य के तौर पर न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
वर्तमान समय में जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र के जमीन से संबंधित नगर पालिका में कोई अभिलेख उपलब्ध ना होने की बात कही जा रही है। न्यायालय में उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर कमिश्नर ने जाफराबाद ग्राम पंचायत क्षेत्र की जमीन पर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स को पूर्णतया अनुचित बताते हुए अतिरिक्त शुल्क ना देने का आदेश दिया था।