फतेहपुर जिले में हुसैनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर अभैया गांव की ईशा यादव हत्याकांड में पुलिस ने मां कुसुमा देवी को जेल भेजकर पूरे प्रकरण का पर्दाफाश किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने से मौत की स्थित स्पष्ट हुई, लेकिन शरीर झुलसा होने और नाक में धुआं मिलने से हालात रहस्यमयी हो गए थे। पुलिस की पूछताछ में मां ने बेटी के साथ घटना कुबूल की है।
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गांव की स्व. अवधेश यादव की पुत्री ईशा देवी (18) की 16 मार्च की सुबह घर में मौत हो गई थी। उसका शव झुलसा मिला था। ईशा की मां कुसुमा ने गांव के पुत्तू व पुन्नू के खिलाफ छेड़खानी से तंग आकर आग लगाकर खुदकुशी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की थी। मामले का एसपी उदय शंकर सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में खुलासा किया। एसपी ने बताया कि विवेचना में नामजद आरोपियों पर आरोप साबित नहीं हुए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत गले की हड्डी खिसकने से मौत की पुष्टि हुई और नाक में धुआं मिला। जिससे काफी हद तक हालात साफ हो गए। संदेह होने पर पुलिस ने मां कुसमा देवी को बुधवार सुबह हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने घटना कुबूल कर ली। पूछताछ में सामने आया कि महिला बेटी पर शादी का दबाव बना रही थी। घटना के दिन ईशा चारपाई पर बैठी थी। शादी की बात को लेकर मां-बेटी के बीच विवाद होने लगा। विवाद के दौरान ही महिला ने बेटी का गला दबा दिया। दबाव से ईशा के गले की हड्डी टूट गई। मां ने उसे मृत मान लिया। इसके बाद नाली विवाद की रंजिश के तहत पुत्तू व पुन्नू को फंसाने के लिए घर में रखा डीजल डालकर बेटी को जला दिया। उस समय ईशा की सांसे चल रही थी। सांस के साथ डीजल का धुआं भी नाक में चला गया। इससे ईशा की मौत हो गई। एसपी ने बताया कि बेटी की गैरइरादतन हत्या का मुकदमा महिला के खिलाफ तरमीम किया गया है।
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आरोपियों के बारे में 95 लोगों से हुई पूछताछ
नामजद आरोपियों के बारे में छानबीन के दौरान पुलिस ने 95 लोगों से पूछताछ की थी। पूछताछ में साफ हुआ कि आरोपी पुन्नू घटना के समय अपने घर में थे। वहीं, दूसरा आरोपी पुत्तू अपनी बहन के घर चिकिनिया का पुरवा गया था। घर से पुत्तू के निकलने के बाद एक जगह चाट के ठेले में रुका था। कहीं गुटखा भी खरीदा था। इस तरह दोनों के बारे में पुलिस ने गहन जांच की।
मां के हर बयान की हुई जांच में पकड़े गए झूठ
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने की बात सामने आने के बाद मां से पुलिस ने पूछताछ की। पहले मां ने आग लगाने की बात कही थी। आग लगने से ईशा का सिर्फ चेहरा और शरीर के कुछ अंग झुलसे थे। हाथ, पैर सब सुरक्षित थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो चुका था कि मौत आग लगने से नहीं हुई है। यह झूठ पकड़े जाने पर मां ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बोला कि बेटी ने बेटे की शर्ट से फंदा लगाया था। पुलिस फंदा लगाने वाली जगह पर पड़ताल करने पहुंची तो उस जगह पर मकड़ी का जाला फैला था। कुंडे पर किसी तरह का निशान नहीं था। यह भी झूठ पकड़ने के बाद महिला ने राज से पर्दा उठाया। महिला ने बेटी की मौत के बाद उसके कपड़े भी बदले थे।
मृतका के पिता ने 10 साल पहले की थी खुदकुशी
मृतका के पिता अवधेश कुमार ने करीब 10 साल पहले खुदकुशी की थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि महिला काफी सख्त मिजाज की थी। करीब 10 साल पहले महिला से विवाद के बाद पति ने खुदकुशी की थी। वह बेटी को अकेले घर से बाहर तक नहीं निकलने देती थी। एक साल पहले बेटी की पढ़ाई बंद कराई थी।