रंजू और उसके भाई संदीप के बीच कभी गहरा स्नेह रहा था। परिजन और ग्रामीणों के अनुसार संदीप ही बहन की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसकी शादी तक की जिम्मेदारी निभाता था। बहन की हर जरूरत का वह पूरा ध्यान रखता था। घटना के बाद जब पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो रंजू के हाथ पर संदीप की बहन रंजू लिखा मिला।
यह देखकर मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए। लोगों का कहना है कि जिस भाई पर बहन को इतना भरोसा और अपनापन था उसी के हाथों उसकी जान चली गई। यह बात किसी के लिए भी स्वीकार करना कठिन है। कस्बे के लोगों के अनुसार दोनों के बीच प्रेम और लगाव की चर्चा अक्सर होती रहती थी। संदीप ने बहन की शिक्षा और शादी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस रिश्ते के दर्दनाक अंत को लेकर लोग स्तब्ध हैं।