शिवम ने कहा है कि मैं सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हूं। मेरे भाई के हत्यारों को जेल भेजा गया है और बहन को नौकरी भी दी गई है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता राजनीति करने न आएं। माना जा रहा है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है, क्योंकि मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।
जिला प्रशासन ने परिवार पर दबाव बनाया
कांग्रेस प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक ने कहा कि जो बयान आया है। उससे साफ पता चल रहा है कि प्रदेश सरकार की शह पर जिला प्रशासन ने परिवार पर दबाव बनाया है। परिजन डरे और सहमे हुए हैं। ऐसा नहीं होता है कि कोई किसी के दुख में शामिल होने आए और वो मना कर दे। यह भारतीय जनता पार्टी और उप्र सरकार की ओछी राजनीति है। राहुल गांधी जरूर आएंगे और परिजनों से मिलेंगे।
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ये है मामला
फतेहपुर के तुराब अली का पुरवा निवासी हरिओम वाल्मीकि एक अक्तूबर को रायबरेली के ऊंचाहार स्थित ससुराल जा रहे थे। यहां रात करीब एक बजे ऊंचाहार निवासी लोगों ने उसे चोर समझ पीटकर मार डाला था। हरिओम के पिता का दावा था कि इस दौरान उसने नाम-पता भी बताया, राहुल गांधी का नाम लिया, लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और पीटकर मार डाला। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर राजनीति गर्मा गई।