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संगीनों के साये में सत्याग्रह उपवास

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अशोक लाट में धरना देकर उपवास सत्याग्रह करते बुंदेलखंड किसान यूनियन कार्यकर्ता। - फोटो : BANDA
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बांदा। किसान आंदोलन का खौफ यहां भी जिला प्रशासन के सिर चढ़कर बोल रहा है। शनिवार को बुंदेलखंड किसान यूनियन द्वारा मंडल मुख्यालय में किए गए सत्याग्रह उपवास में यह साफ नजर आया। किसानों से ज्यादा पुलिस बल मौजूद रहा। धरनास्थल संगीनों के साए में रहा। किसान नेताओं के सरकार विरोधी नारे गूंजते रहे। राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर दिल्ली में किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे और तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
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किसानों ने कहा कि आखिरी सांस तक संघर्ष करते रहेंगे। बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में सत्याग्रह उपवास/धरना आयोजित किया गया। सुबह से ही धरना स्थल को बड़ी संख्या में उपस्थित पुलिस बल ने घेर लिया। आसपास भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। ज्यादातर पुलिस कर्मी एके-47 से लैस थे। सिटी मजिस्ट्रेट केशवनाथ, क्षेत्राधिकारी अजय भदौरिया, इंसपेक्टर जयश्याम शुक्ला समेत कई थानों का फोर्स उपस्थित रहा। धरनास्थल पर ही सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से ज्ञापन लिया।
ज्ञापन में कहा गया कि राकेश टिकैत का यहां के किसान समर्थन करते हैं। लालकिले पर झंडा फहराने वाले अराजकतत्वों पर कार्रवाई की जाए, पर निर्दोष किसानों पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक वह अपनी नस्लों को बचाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे। बुंदेलखंड में भी आंदोलन जारी रहेगा। सत्याग्रह और ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित चंद्रशेखर प्रजापति, राजकुमार, दिनेश कुमार निरंजन, नौशाद अली भारतीय, अनुपा सिंह, बाबूलाल रैकवार, प्रहलाद करवरिया, रामप्रकाश पाल, चंद्रपाल, जयकरन केवट, सुखलाल, राजाभइया, साईं बाबा आदि शामिल रहे।
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