हाथ में फास्टैग लेकर स्कैन कराता चालक।
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कानपुर देहात। वाहन के शीशे पर फास्टैग न होने व टैग ब्लैक लिस्टेड होने पर अब दो गुना टोल वसूला जाएगा। अक्सर वाहन स्वामी टोल बूथ पहुंचने पर चालक टैग को हाथ में लेकर स्कैन करवाते हैं। परिवहन मंत्रालय की ओर से ऐसे वाहनों से भी दो गुना टोल वसूलने के निर्देश जारी किए हैं। जिले 90 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग लगाया जा चुका है।
बारा स्थित टोल प्लाजा पर 15 फरवरी की रात 12 बजे से फास्टैग सिस्टम लागू हो चुका है। इसके बाद से बिना फास्टैग वाहनों से दोगुना टोल वसूला जा रहा है। फास्टैग सिस्टम लागू होने के बाद वाहन स्वामी टैग लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। अब उन वाहनों से भी दोगुना टोल वसूला जाएगा जो फास्टैग बनवाने के बाद उसे जेब में रखते हैं या टोल बूथ पहुंचने पर हाथ में टैग लेकर स्कैन कराते हैं। साथ ही जिन वाहनों का फास्टैग ब्लैक लिस्टेड हो गया है। इसके लिए परिवहन मंत्रालय की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया। अक्सर ऐसे ही वाहन टोल पर पहुंचकर जाम की स्थिति पैदा करते हैं। गुरुवार को भी टोल के कई लेन पर जाम लगा रहा। टोल प्रबंधक नीरज त्रिपाठी ने बताया कि फास्टैग में यदि पचास रुपये भी है तो वाहन को टोल पर रोका नहीं जाएगा। वाहन का फास्टैग बैलेंस निगेटिव में चला जाएगा और टैग ब्लैक लिस्टेड हो जाएगा। इसके बाद उनसे दो गुना टोल वसूला जाएगा।
दूसरे वाहन का निकला फास्टैग
गुरुवार को बारा टोल के दस नंबर लेन पर एक गाड़ी रुकी। वाहन चालक ने जेब से टैग निकाला और स्कैन कराया। सामने आया कि टैग दूसरे वाहन का है। इसकी शिकायत की गई। टोल अफसरों ने दोगुना टोल अदा करने की बात कही तो वाहन में पीछे बैठे एक व्यक्ति ने आपने आप को संयुक्त सचिव बता रौब दिखाया। कर्मियों के समझाने पर वह उलझा गया। हालांकि बाद में दोबारा ऐसा न करने पर उसे जाने दिया गया। डीजीएम मनोज शर्मा ने बतायाकि 90 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग लग चुका है। टोल पर जाम की समस्या कम हुई है। सरकारी वाहनों में फास्टैग लगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।