300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है भाव
मंदी की दोहरी मार पड़ने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। कई किसान तो आलू की लागत के कर्ज के बोझ में भी दबे हैं। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव चौकी महमदपुर निवासी किसान आदित्य राजपूत ने 10 बीघा आलू की फसल बोई थी। इन दिनों मंडी में आलू का भाव 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। इससे किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
खेत में 18 हजार रुपये का बीज बोया था
मंदी की मार से गुस्साए आदित्य राजपूत ने रविवार को खेत में खड़ी पांच बीघा आलू की फसल ट्रैक्टर से जोतवा दी। आदित्य ने बताया कि उनके पास 10 बीघा खेत है। उसमें आलू की फसल की थी। मंडी में इन दिनों 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिक रहा है। उन्होंने पांच बीघा फसल में करीब 35 से 40 हजार रुपये लागत लगाई। इसमें 18 हजार रुपये का बीज बोया था।
किसान की दोगुनी आय कैसे हो सकती है
उत्पादन भी अच्छा नहीं हुआ और दो हजार रुपये प्रति बीघा खोदाई का खर्च अलग से देना था। जब लागत ही नहीं निकल रही, तो इससे अच्छा है कि फसल ही जोत दें। अब इस खेत में वह मक्का बाेएंगे। एक ओर सरकार किसानों की दोगुनी आय करने की बात कर रही, जबकि आलू की न तो सरकारी खरीद हो रही है और ही निर्धारित भाव। इससे किसान की दोगुनी आय कैसे हो सकती है।
कैसे अदा होगा 30 हजार रुपये खाद का कर्ज
आदित्य राजपूत का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष 200 बोरा आलू भंडारित किया था। 200 रुपये प्रति बोरा भंडारण खर्च आया। जब बेचा तो 300 रुपये प्रति बोरा बिक्री हुई। लगातार दूसरे वर्ष आलू में घाटा हुआ। उन्होंने 10 बीघा आलू बोने के लिए 18,000 रुपये की खाद उधार ली। आलू खेत में ही जोत दिया, इससे खाद का कर्ज बरकरार है। अब पांच बीघा आलू खेत में खड़ा है। उसे बीज के लिए छोड़ दिया है।
पड़ोसी भी फसल जोतने की तैयारी में
आदित्य राजपूत के पड़ोसी आदेश यादव ने बताया कि उनके 24 बीघा खेत में आलू की फसल खड़ी है। मंडी में आलू भाव की स्थिति यही रही तो उन्हें भी फसल जोतना मजबूरी होगी। आलू की मंदी से किसान टूट गया है। आदेश यादव का कहना है कि उन्होंने आदित्य राजपूत को शेष बचा पांच बीघा आलू जोतने से किसी तरह रोक दिया।
इससे पहले भी किसान तीन किसान जोत चुके आलू की फसल
मंदी की मार झेल रहे जिले के तीन किसान खेत में खड़ी फसल जोत चुके हैं। कमालगंज क्षेत्र के गांव पेरी गढि़या निवासी दुर्विजय सिंह ने पांच बीघा व एक अन्य किसान ने दो बीघा आलू की फसल खेत में ही जोत दी थी। वहीं मोहम्मदाबाद क्षेत्र में भी एक किसान आलू की पांच बीघा फसल जोत चुका है। सभी किसानों का कहना था कि भाव की मंदी से लागत नहीं निकल रही है।
आलू जोतने के कारणों की कराई जाएगी जांच
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अच्छा आलू 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। हो सकता है आलू की फसल में चेचक या अन्य कोई रोग लगा हो। फिलहाल आलू जोतने के कारणा की जांच कराई जाएगी।