फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले मजदूरों को भूलने वाले मालिकों को अनलॉक शुरू होते ही उनकी याद आ गई है। वे फोन कर कर्मचारियों को बुलाने लगे हैं। और तो और किराया भी देने को तैयार हैं।
ऐसा ही कान्हेपुर गांव में हुआ। यहां के दो युवक दिल्ली में एक कंपनी के अधिकारी की कार चलाते थे। उनके मालिक ने दो माह बाद फोन कर बुलाया। दोनों ने पैसे न होने की बात की तो उन्होंने मनुहार की वे कार बुककर चले आएं, किराया वे दे देंगे।
इस पर दोनों युवक किराये की गाड़ी से रविवार रात दिल्ली रवाना हो गए। गांव कान्हेपुर निवासी आदित्य कुमार व बृजेश दिल्ली में एक कंपनी के अधिकारी की निजी कार चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे।