फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad: पालतू कुत्ते के हमले से 20 भेड़ों की मौत, नौ घायल; पीड़ित का चौकी में सुनवाई न होने का आरोप

Sun, 02 Aug 2026 02:09 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: कम्पिल थाना क्षेत्र के धीमर नगला गांव में रविवार तड़के पालतू कुत्ते के हमले में 20 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि नौ भेड़ें घायल हो गईं। घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने पुलिस चौकी पर शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
कुत्ते के हमले से 20 भेड़ों की मौत, नौ घायल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कम्पिल थाना क्षेत्र स्थित धीमर नगला गांव में रविवार तड़के एक सनसनीखेज और दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव के एक पालतू कुत्ते ने बाड़े (घेर) में घुसकर भेड़ों के झुंड पर हमला कर दिया। कुत्ते के इस हिंसक हमले में 20 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं।

विज्ञापन
Trending Videos

बारिश के दौरान घर गए थे पशुपालक, तभी हुआ हमला

धीमर नगला निवासी पीड़ित पशुपालक दिनेश पाल ने बताया कि उनके घेर में कुल 48 भेड़ें बंधी हुई थीं। वह रोजाना की तरह शनिवार देर रात घेर में ही रहकर अपनी भेड़ों की रखवाली कर रहे थे। रविवार तड़के करीब तीन बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद वे कुछ देर के लिए अपने घर चले गए। इसी बीच मौका पाकर गांव का एक पालतू कुत्ता घेर के अंदर घुस आया और उसने असहाय बंधी भेड़ों पर हमला कर दिया। कुत्ते ने एक के बाद एक कई भेड़ों को बुरी तरह नोच डाला।

20 भेड़ों की मौत, 2 की हालत अत्यंत गंभीर

सुबह जब बारिश थमने के बाद दिनेश पाल वापस अपने घेर में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घेर में 20 भेड़ें मृत पड़ी हुई थीं, जबकि 9 अन्य भेड़ें खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल थीं। पीड़ित ने बताया कि घायल भेड़ों में से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनके भी बचने की उम्मीद बहुत कम है। इस घटना से गरीब पशुपालक को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

विज्ञापन





पुलिस चौकी पर सुनवाई न होने का आरोप

घटना से बदहवास पीड़ित दिनेश पाल तुरंत न्याय की गुहार लेकर पुलिस चौकी सिवारा पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि चौकी पहुंचने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई सुनवाई की। पुलिस के इस रवैये से पीड़ित और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें