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लोहिया अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर से हाथापाई

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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा के साथ भाकियू नेता ने अभद्रता कर हाथापाई कर दी। गुस्साए डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने काम बंद कर दिया। काम बंद होने से मरीज परेशान हो गए। पुलिस ने भाकियू नेता को हिरासत में ले लिया। सीएमएस की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी का शांतिभंग में चालान कर दिया।
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ओपीडी में दोपहर सवा 12 बजे डॉ. रिषिकांत मरीजों को देख रहे थे। उसी समय भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष सत्यभान झा से डॉक्टर का विवाद हो गया। गालीगलौज और हाथापाई हो गई। सभी डॉक्टर और अन्य स्टाफ एकजुट हो गए। ओपीडी में काम ठप कर डॉक्टर सीएमएस कक्ष में पहुंचे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि भाकियू नेता के खिलाफ कार्रवाई न होती, तो वह काम नहीं करेंगे। डॉ. रिषिकांत वर्मा ने सीएमएस डॉ. राज कुमार गुप्त से लिखित में शिकायत की।
सूचना मिलते ही आवास विकास चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची और सत्यभान झा को साथ ले गई। सीएमएस की तहरीर पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। डॉक्टरों के काम बंद करने से ओपीडी में आए मरीज परेशान रहे। करीब डेढ़ बजे तमाम मरीज बिना दिखाए ही लौट गए। चौकी प्रभारी विशेष कुमार ने बताया कि पर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई कर दी गई है। नोटिस भी तामील करवा दिया गया है।
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निजी अस्पतालों में चले जाते डाक्टर
भाकियू जिलाध्यक्ष सत्यभान झा ने बताया कि राजेपुर निवासी जिला उपाध्यक्ष टिंकू कुशवाह बेटे को दिखाने 11 बजे पहुंचे। डॉ. रिषिकांत कक्ष में नहीं थे। उसी बच्चे को देखने वह सवा 11 बजे ओपीडी में पहुंचे। करीब पंद्रह मिनट तक इंतजार के बाद फोन किया, तो डॉक्टर बोले, ‘चाय पी रहा हूं’। इसके 25 मिनट बाद डॉक्टर आए। उनसे सही से ड्यूटी करने की बात कही तो गुस्सा गए। आरोप लगाया कि डॉक्टर ओपीडी के वक्त निजी अस्पताल में चले गए थे।
सीएमएस बोले
‘पीड़ित डॉक्टर की लिखित सूचना पर डीएम समेत विभागीय उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है। डॉक्टरों की सुरक्षा करना उनका दायित्व है। अब पुलिस अपने स्तर से काम करेगी।’ -डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
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